टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत! सरकार ने विवाद से विश्वास स्कीम की डेडलाइन 30 जून तक बढ़ाई

प्रतीकात्मक तस्वीर

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कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की है. सरकार ने डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम (Vivad se Vishwas scheme) के तहत भुगतान करने की समय सीमा को दो महीने के लिए बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2021, 2:44 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की है. सरकार ने डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम (Vivad se Vishwas scheme) के तहत भुगतान करने की समय सीमा को दो महीने के लिए बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया. शनिवार को इसकी घोषणा की गई है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) की तरफ से स्टेटमेंट जारी किया गया है कि जिसमें कहा गया है कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए डायरेक्ट टैक्स Vivad se Vishwas Act, 2020 की डेडलाइन को 30 जून तक बढ़ाया गया है. बता दें कि इससे पहले तक विवाद से विश्वास स्कीम के तहत बिना ब्याज के टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2021 थी.

जानें क्या है विवाद से विश्वास योजना?

इस योजना की घोषणा फरवरी 2020 का बजट भाषण में केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने किया था. इस योजना के तहत 31 मार्च तक जिन लोगों ने अपनी घोषणाएं की हैं, उन करदाताओं को 30 अप्रैल तक टैक्स की पूरी राशि जमा कराने पर ब्याज और जुर्माने से छूट मिलेगी. इस योजना के तहत 9.32 लाख करोड़ रुपए के 4.83 लाख प्रत्यक्ष कर मामलों के निपटान का लक्ष्य है. ये मामले विभिन्न अपीलीय मंचों जैसे आयुक्त (अपील), आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी), उच्च न्यायालयों तथा उच्चतम न्यायालयों में लंबित हैं.


कौन ले सकता है स्कीम का फायदा?

31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्‍नर (अपील), इनकम टैक्‍स अपीलीय ट्रिब्‍यूनल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन टैक्‍स के मामलों पर यह स्‍कीम लागू होगी. बता दें जो भी लंबित केस हैं वह टैक्स, विवाद, पेनाल्टी और ब्याज से जुड़े हुए हो सकते हैं.

बता दें कि हाल ही लोकसभा में एक मुद्दे से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया था कि सरकार ने 22 फरवरी तक डायरेक्ट टैक्स  के विवाद समाधान से जुड़ी विवाद से विश्वास स्कीम के तहत 53,346 करोड़ रुपये की उगाही की है. उन्होंने आगे बताया था कि इस स्कीम के तहत 98,328 करोड़ रुपये की विवादित टैक्स से संबंधित 1.28 लाख लाख डिक्लेयरेशन दाखिल किए गए हैं. इन विवादित टैक्स देनदारियों के समाधान से सरकार ने 53,346 करोड़ रुपये हासिल किए हैं.
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