मोदी सरकार का तोहफा, अब बड़े घर बनाने के लिए भी सब्सिडी देगी सरकार

क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) के दायरे में मध्यम आय वर्ग की पहली श्रेणी एमआईजी 1 के घरों का कार्पेट एरिया बढ़ाकर 160 वर्ग मीटर और एमआईजी 2 श्रेणी के घरों के कार्पेट एरिया 200 वर्ग मीटर कर दिया है.

भाषा
Updated: June 13, 2018, 11:24 AM IST
मोदी सरकार का तोहफा, अब बड़े घर बनाने के लिए भी सब्सिडी देगी सरकार
पीएम मोदी (फाइल फोटो)
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Updated: June 13, 2018, 11:24 AM IST
केन्द्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत सब्सिडी के दायरे वाले सस्ते आवास के लिए निर्मित क्षेत्र (कार्पेट एरिया) में बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया है. आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) के दायरे में मध्यम आय वर्ग की पहली श्रेणी एमआईजी 1 के घरों का कार्पेट एरिया बढ़ाकर 160 वर्ग मीटर और एमआईजी 2 श्रेणी के घरों का कार्पेट एरिया 200 वर्ग मीटर कर दिया है. इस फैसले से क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना के तहत एमआईजी1 श्रेणी के खरीददारों को 2.35 लाख रुपये और एमआईजी 2 श्रेणी के घर खरीददारों को 2.30 लाख रुपये का सब्सिडी में सीधा लाभ मिलता है.

मंत्रालय ने मंगलवार को इस योजना के तहत कार्पेट एरिया में बढ़ोतरी के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी देते हुये क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना के लाभार्थियों को आवास ऋण में छूट देने का रास्ता साफ कर दिया. मौजूदा व्यवस्था में एमआईजी1 श्रेणी के घरों के लिये कार्पेट एरिया 120 वर्ग मीटर और एमआईजी2 श्रेणी के घरों के लिये 150 वर्ग मीटर निर्धारित था.

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इस लोन को लेने के लिए होनी चाहिए इतनी इनकम
क्रेडिट लिंक सब्सिडी योजना के तहत एमआईजी1 श्रेणी के आवास खरीददारों की वार्षिक आय 6 से 12 लाख रुपये और एमआईजी2 श्रेणी के लिये 12 से 18 लाख रुपये होने का प्रावधान है. इस आय वर्ग के खरीददारों को एमआईजी1 के तहत 20 साल की अवधि के लिये नौ लाख रुपये के मंजूर आवास ऋण पर ब्याज दर में चार प्रतिशत और एमआईजी2 के तहत 12 लाख रुपये के मंजूर आवास ऋण पर ब्याज दर में 3 प्रतिशत की छूट मिलती है.

मंत्रालय ने संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इस योजना के लागू होने की तिथि 1 जनवरी 2017 से प्रभावी मानी है. जिससे पीएमएवाई योजना के तहत इससे पहले आवास ऋण ले चुके लोगों को भी सब्सिडी का लाभ मिल सके. इस योजना की अवधि अगले साल 31 मार्च तक निर्धारित की गयी थी. योजना के तहत इस साल 11 जून तक सरकार द्वारा एमआईजी श्रेणी के आवास ऋण पर 35204 लाभार्थियों को 736.79 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में जारी किये जा चुके हैं.

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क्या है स्कीम
दरअसल सरकार ने पिछले साल एक जनवरी से प्रधानमंत्री आवास योजना उनलोगों के लिए लागू की थी, जिनकी आमदनी सालाना 6-12 लाख रुपये है और दूसरी श्रेणी में, जिनकी आमदनी 12-18 लाख रुपये सालाना है. इनमें से 6-12 लाख रुपये सालाना आमदनी वालों को सरकार ने एमआईजी वन कैटिगरी में रखा था. इनलोगों के लिए स्कीम थी कि यदि इस आमदनी वाले ग्राहक लोन लेकर मकान खरीदते हैं तो उनके लोन में से 9 लाख रुपये के लोन की राशि पर जो भी ब्याज दर लगेगी, उसमें से 4 फीसदी ब्याज सरकार सब्सिडी के रूप में देगी.

इसी तरह से दूसरी श्रेणी के लोगों के लिए तय किया गया था कि अगर वे लोन लेकर मकान खरीदते हैं तो 12 लाख रुपये तक के ब्याज पर 3 फीसदी ब्याज राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी. इन दोनों श्रेणियों के लोगों को इस तरह से एमआईजी वन और एमआईजी टू के रूप में बांटा गया था. अब 6-12 लाख रुपये की आमदनी वाले 160 वर्ग मीटर (1722 वर्ग फीट) का फ्लैट खरीदकर भी यह सब्सिडी ले सकेंगे. उसी तरह से 18 लाख रुपये की आमदनी वाले अब 200 वर्ग मीटर (2153 वर्ग फीट) का फ्लैट खरीदकर इस सब्सिडी का फायदा उठा सकेंगे.

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