पेट्राेल-डीजल को GST के दायरे में लाने के FM सीतारमण ने दिए संकेत, जानें कितना सस्ता हाे जाएगा ईंधन

जीएसटी से पेट्राेल घटकर 75 रुपये प्रति लीटर तक आ सकता है

जीएसटी से पेट्राेल घटकर 75 रुपये प्रति लीटर तक आ सकता है

भारत में चार प्राथमिक जीएसटी दर (GDT Rates) 5, 12, 18 और 28 फीसद हैं, यदि पेट्राेल-डीजल काे 28 फीसद वाले स्लैब में भी रखें तब भी माैजूदा दराें में काफी कमी आ सकती है. इससे आम लोगों को पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों (Petrol-Diesel Prices) से राहत मिल जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 9:36 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Govt of India) पेट्राेल और डीजल (Petrol & diesel) काे GST के दायरे में ला सकती है. लाेकसभा में वित्त विधेयक 2021 पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने इस बारे में संकेत देते हुए कहा कि जीएसटी परिषद (GST Council) की अगली बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी. देखा जाए तो भारत में चार प्राथमिक जीएसटी दर हैं. ये 5, 12, 18 और 28 फीसद हैं. अगर पेट्राेल-डीजल काे 28 फीसदी वाले स्लैब में भी रखें तब भी माैजूदा दराें में काफी कमी आ सकती है. जानिए इस बारे में क्या बाेलींं वित्तमंत्री सीतारमण और अगर ऐसा हाे जाता है ताे पेट्राेल-डीजल के दामाें में कितना फर्क पड़ेगा.



राज्य सहमत हाें ताे प्रस्ताव लाएं

पेट्राेल-डीजल पर अलग-अलग राज्याें में ऊंचे कर काे लेकर वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि अगर राज्य सहमत हाें ताे उन्हें इस बारे में आगे बढ़कर चर्चा करने का प्रस्ताव लाना चाहिए. उन्हें परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करके खुशी हाेगा. वित्त मंत्री ने कहा कि वह पेट्राेल-डीजल पर किसी राज्य के कम या ज्यादा टैक्‍स हाेने का जिक्र नहीं करना चाहतींं, लेकिन अभी महाराष्ट्र में पेट्राेल-डीजल पर सबसे अधिक टैक्‍स है. उन्हें लगता है कि मंगलवार काे सदन की चर्चा के बाद राज्य इसे जीएसटी के दायरे में लाने के बारे में साेचेंगे.



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रसाेई गैस पर राज्य नहीं लेते कर ताे फिर क्याें महंगी


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने के लिए राज्याें से प्रस्ताव लाने के जवाब में कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा कि वित्‍त मंत्री ने रसाेई गैस और पेट्राेल-डीजल काे लेकर ठाेस बात नहीं की. उन्हाेंने कहा कि पेट्राेल-डीजल पर ताे वित्त मंत्री ने टैक्‍स की बात कही, लेकिन रसाेई गैस पर ताे राज्याें का काेई टैक्‍स नहीं लगता. फिर ये इतनी महंगी क्‍यों है. महिलाएं अब खाली सिलेंडराें का क्या करें.



ताे इतने रुपये सस्ता हाे जाएगा पेट्राेल



पेट्राेल-डीजल काे यदि जीएसटी के दायरे में लाया जाता है ताे इसका कितना प्रभाव उसकी कीमताें पर पड़ेगा. इसे लेकर विशेषज्ञाें का कहना है कि पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने से आम लाेगाें काे ऊंची कीमताें से राहत मिल सकती है. जीएसटी से पेट्राेल घटकर 75 रुपये प्रति लीटर तक आ सकता है, जबकि डीजल 68 रुपये लीटर तक पहुंच सकता है. 



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केंद्र पर पड़ेगा इतना भार


पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने से केंद्र और राज्य सरकाराें के राजस्व पर एक लाख कराेड़ रुपये का बाेझ पड़ेगा जाे देश की जीडीपी का 0.4 फीसदी हाेगा. अर्थशास्त्रियाें ने कच्चे तेल की कीम 60 डॉलर प्रति बैरल और डॉलर का मूल्य 73 रुपये प्रति डॉलर के आधार पर यह आकलन किया है. केंद्र और राज्य स्तरीय कराें से भारत में पेट्राेलियम पदार्थाें के दाम दुनिया में सबसे उच्चतर बने हुए है.



राज्यों की बड़ी आय पेट्राेल-डीजल से

जानकार बताते हैं कि पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने के लिए खुद केंद्र और राज्य सरकारें इच्छुक नहीं है. ऐसा इसलिए क्याेंकि पेट्राेलियम उत्पादाें पर बिक्री कर, वैट लगाना उनके लिए कर राजस्व जुटाने का प्रमुख स्रोत है. वर्तमान में पेट्राेल की खुदरा कीमत में 60 प्रतिशत तक केंद्र और राज्य के कराें का हिस्सा है, जबकि डीजल के खुदरा मूल्य में यह 54 प्रतिशत है. 


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