सरकार का बड़ा फैसला! अब बिना चक्कर काटे ग्राहक को मिलेगा उसका हक़, समय और पैसे की होगी बचत

सरकार का बड़ा फैसला! अब बिना चक्कर काटे ग्राहक को मिलेगा उसका हक़, समय और पैसे की होगी बचत
सरकार का फैसला! अब बिना चक्कर काटे ग्राहक को मिलेगा उसका हक़, समय पैसे की बचत

नए कानून के तहत ग्राहकों के विवादों का निपटारा अब जल्द हो सकेगा. आपको बता दें कि नए कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट ने ग्राहकों को मध्यस्था का विकल्प दिया है. ग्राहक अपनी समस्या के समाधान के लिए कंजूमर फोरम (Consumer Forum) जाने से पहले मध्यस्था का रास्ता चुन सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 29, 2020, 11:40 AM IST
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नई दिल्ली. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 (Consumer Protection Act-2019) कानून पूरे देश में लागू हो गया है. नया उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 का स्थान लिया है. नए कानून के तहत ग्राहकों के विवादों का निपटारा अब जल्द हो सकेगा. आपको बता दें कि नए कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट ने ग्राहकों को मध्यस्था का विकल्प दिया है. ग्राहक अपनी समस्या के समाधान के लिए कंजूमर फोरम जाने से पहले मध्यस्था का रास्ता चुन सकता है. इससे ग्राहकों के समय और पैसे दोनों की बचत हो सकती है.

अब बिना चक्कर काटे ग्राहक को उसका हक मिल सकेगा. ग्राहक विवाद निपटारे के लिए नए कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट में नया विकल्प दिया गया है. इसका सबसे बड़ा फायदा उन ग्राहको मिलेगा जिनके पास बार-बार कोर्ट जाने का समय नहीं है साथ ही पैसे की भी होगी बचत.

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एनसीडीआरसी ने मध्यस्था के नियम जारी किए हैं. NCDRC यानी नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रेजोल्यूशन कोर्ट. इसके साथ ही देश के हर जिले में बनेंगे मध्यस्था सैल. रिटायर्ड जज करेंगे पैनल की अध्यक्षता. मध्यस्था कराने के लिए फीस चार्ज की जाएगी. दोनों पार्टियों को आधी आधी फीस देनी होगी. मध्यस्था पैनल को 3 महीने के अंदर फैसला करना होगा. मध्यस्था होने पर कंज्यूमर कमिशन को हल्फनामा देकर सूचित करना होगा.
नया उपभोक्ता संरक्षण कानून के प्रमुख प्रावधान

>> नए कानून के तहत कंज्यूमर प्रोटेक्शन काउंसिल का गठन होगा.

>> जनहित याचिका अब कंज्यूमर फोरम में दायर की जा सकेगी.

>> ईकॉमर्स ऑनलाइन, डायरेक्ट सेलिंग और टेलीशॉपिंग कंपनियां कानून के दायरे में आएंगी.

>> भ्रामक विज्ञापन करने पर सेलिब्रिटी पर भी 10 लाख रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है. सेलिब्रिटी का दायित्व होगा कि वो विज्ञापन दी गई पूरी जानकारी की जाच पड़ताल कर ले.

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>> मिलावटी सामान और खराब प्रोडक्ट पर कंपनियों पर जुर्माना और मुआवजा देना शामिल किया गया है. झूठी शिकायत करने पर अब 50 हजार रुपए जुर्माना लगेगा.

>> उपभोक्ता मध्यस्थता सेल का गठन होगा. दोनों पक्ष आपसी सहमति से मध्यस्थता कर सकेंगे.

>> कंज्यूमर फोरम में एक करोड़ रुपये तक के मामले और राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में एक करोड़ से 10 करोड़ तक के मामले दर्ज कराए जा सकेंगे.

>> राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में 10 करोड़ रुपये से ऊपर के केस की सुनवाई होगी.

>> सिनेमा हॉल में खाने-पीने की वस्तुओं पर ज्यादा पैसे लेने की शिकायत पर होगी कार्रवाई

>> कैरी बैग के पैसे वसूलना कानूनन गलत होगा.

>> नए कानून के तहत उपभोक्ता अदालतों के साथ-साथ एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के गठन का भी प्रावधान है.

>> नए कानून के लागू होने के बाद ऑनलाइन बिजनेस में कंज्यूमर के हितों की अनदेखी भी कंपनियों पर भारी पड़ सकती है.
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