लाइव टीवी

दिवालिया कानून के दायरे में आ सकते हैं NBFC व HFC, जानिए क्या होगा असर

News18Hindi
Updated: November 7, 2019, 11:30 PM IST
दिवालिया कानून के दायरे में आ सकते हैं NBFC व HFC, जानिए क्या होगा असर
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां दिवालिया कानून के दायरे में आ सकती हैं.

केंद्र सरकार गैर-बैंकिंग उधरकर्ताओं (NBFC's) और वित्तीय संस्थानों को दिवालिया कानून (IBC) के अंतर्गत लाने पर विचार कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2019, 11:30 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Governement) इस बात की तैयारी में है कि गैर-बैंकिंग उधारकर्ताओं (NBFC) को इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (दिवालिया कानून) के अंतर्गत लाया जाए. सरकार की तरफ से यह तैयारी इसलिए की जा रही है ताकि संकट के दौर से गुजर रहे इन वित्तीय संस्थानों को कोर्ट के अंतर्गत रेस्क्यू किया जा सके. लाइवमिंट की एक रिपोर्ट में अज्ञात अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि केंद्र सरकार ऐसे प्रावधान पर विचार कर रही है और बहुत जल्द ही इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है.

DHFL पर दिवालिया कानून का खुलेगा रास्ता
गौरतलब है कि अगर केंद्र सरकार ऐसा कदम उठाती है तो इससे दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) को दिवालिया कानून के तहत रिजॉल्युशन प्लान के अंतर्गत मदद मिल सकती है, क्योंकि संभावी निवेशक अधिकांशत: निवेश से पहले कानूनी प्रक्रिया पर अधिक भरोसा करेंगे.

ये भी पढ़ें: अटके हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को 25 हजार करोड़ देने के बाद अब सरकार ने घर खरीदारों से कही ये बात


जल्दी नोटिफाई कर सकती है सरकार
इस रिपोर्ट में एक कंसल्टेंसी के कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स के हवाले से लिखा गया है कि कानून के तहत यह प्रावधान है कि केंद्र सरकार वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को दिवालिया कानून के तहत बैंकरप्सी रिजॉल्युशन के लिए नोटिफाई कर सकती है. हालांकि, सरकार यह संबंधित नियामक से कन्सल्ट करने के बाद कर सकती है. बता दें कि गैर-बैंकिंग उधारकर्ता और हाउसिंग फाइनेन्सर्स भारतीय रिजर्व बैंक के अंतर्गत आते हैं.
Loading...

क्या होगा DHFL पर असर
बीते 7 जून को RBI के एक सर्कुलर के मुताबिक, उधारकर्ताओं को एक माह के लिए डिफॉल्ट अकाउंट्स का रिव्यू करने के बाद आगे की रणनीति तैयार कर सकते हैं और उनके पास बैंकरप्सी कोर्ट में जाने के लिए 6 महीनों का समय होगा. लेकिन, अभी तक यह साफ नहीं है कि 6 महीने के बाद क्या होगा, क्योंकि गैर-बैंकिंग उधारकर्ता और हाउसिंग फाइनेंसर्स दिवालिया कानून के अंतर्गत नहीं आते हैं. गुरुवार को ही न्यूज एजेंसी ​रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि मौजूदा समय में ​DHFL को स्ट्रेस्ड अकाउंट के तौर पर वर्गीकृत किया गया है लेकिन 31 दिसंबर तक जब रिजॉल्युश आएगा तब तक यह गैर-निष्पादित अस्तियों यानी NPA में तब्दील हो चुका होगा.

ये भी पढ़ें: DHFL के प्रोमोटर्स को देश छोड़ने पर लगा रोक, जाने क्या है मामला

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 7, 2019, 11:21 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...