BSNL-MTNL कर्मचारियों को होली से पहले मिलेगी सैलरी, सरकार ने जारी किए इतने करोड़ रुपये

देश की सरकारी टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारियों की सैलरी होली से पहले मिल सकती है. दूरसंचार विभाग ने MTNL (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) के 2300 कर्मचारियों की बकाया सैलरी के भुगतान के लिए 171 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं.

News18Hindi
Updated: March 14, 2019, 10:18 AM IST
BSNL-MTNL कर्मचारियों को होली से पहले मिलेगी सैलरी, सरकार ने जारी किए इतने करोड़ रुपये
BSNL-MTNL कर्मचारियों को होली से पहले मिलेगी सैलरी, सरकार ने जारी किए इतने करोड़ रुपये
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Updated: March 14, 2019, 10:18 AM IST
देश की सरकारी टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारियों की सैलरी होली से पहले मिल सकती है. दूरसंचार विभाग ने MTNL (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) के 2300 कर्मचारियों की बकाया सैलरी के भुगतान के लिए 171 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. वहीं, बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) के मैनेजमेंट और कर्मचारी यूनियनों को होली से पहले 850 करोड़ रुपये जारी करने का वादा किया गया है. आपको बता दें कि दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की और उनसे कैश की कमी का सामान कर रही टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारियों के सैलरी भुगतान के लिए फंड की मांग की थी.

कब मिलेगी सैलरी- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  एमटीएनएल के कर्मचारियों को सैलरी और एरियर के भुगतान के लिए 171 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. बीएसएनएल मैनेजमेंट और कर्मचारी यूनियन इस बात पर सहमत हुए हैं कि होली के पहले उन्हें उनकी सैलरी मिल जाएगी.

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दिल्ली और मुंबई में टेलीकॉम सर्विस देने वाली कंपनी एमटीएनएल ने अपने कर्मचारियों को सैलरी बांटने का काम शुरू कर दिया है. एमटीएनएल के सैलरी खर्च को डीओटी पूरा करता है. बीएसएनएल को 21 मार्च से पहले 850 करोड़ रुपये मिल जाएंगे, जिससे वह अपने के सैलरी और बकाया का भुगतान कर सकेगी. वित्तीय संकटों का सामना कर रही बीएसएनएल पहली बार फरवरी में अपने 1.76 लाख कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पाई थी.

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अब आगे क्या- दूरसंचार विभाग में फैसला लेने वाली सबसे बड़ी संस्था, डिजिटल कम्युनिकेशन आयोग ने दोनों कंपनियों को फिर से पटरी पर लाने के लिए नई स्ट्रैटजी बनाने को कहा है. आयोग ने इसके लिए उन्हें वित्तीय सहयोग देने का भी वादा किया है. दोनों कंपनियों ने मुनाफे में आने की अपनी रणनीति के तहत वित्तीय सहयोग, 4जी स्पेक्ट्रम के आवंटन और एसेट्स की बिक्री की मंजूरी मांगी थी. दोनों टेलीकॉम कंपनियों ने अपने लैंड असेट्स की बिक्री और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) लाने की मंजूरी मांगी है.

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क्या है कंपनियों की परेशानी- एमटीएनएल में आमदनी के मुकाबले सैलरी का अनुपात बढ़कर 90 फीसदी तक पहुंच गया है. वहीं बीएसएनएल में यह करीब 67-70 फीसदी है. एमटीएनएल पर करीब 20,000 करोड़ का कर्ज है, जबकि उसकी सालाना आमदनी 2,700 करोड़ रुपये है. वहीं बीएसएनएल पर 13,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि सालाना आमदनी 32,000 करोड़ है. यह भी अनुमान है कि अगले 5 से 6 सालों में एमटीएनएल के 16,000 कर्मचारी और बीएसएनएल के करीब आधे कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे.

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