MTNL की इन संपत्तियों को बेचेगी सरकार, शुरू हो चुकी है बिक्री प्रक्रिया

महानगर संचार निगम लिमिटेड (MTNL)
महानगर संचार निगम लिमिटेड (MTNL)

केंद्र सरकार अब MTNL की संपत्ति बेचने की तैयारी में है. इसके लिए बिक्री प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है. वित्त मंत्रालय ने एक विभाग ने वैश्विक संपत्ति सलाहकार कंपनियों से 9 नवंबर तक की बिडिंग मंगाई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 4:50 PM IST
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नई दिल्ली. सरकारी क्षेत्र की टेलिकॉम कंपनी महानगर संचार निगम लिमिटेड (MTNL) की संपत्ति बेचने की तैयारी है. इसके लिए बिक्री प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है. MTNL की सं​पत्ति बेचने के लिए सरकार ने वैश्विक संपत्ति सलाहकार कंपनियों से बिडिंग भी मंगाई है. MTNL की संपत्ति की बिक्री का प्रबंधन इन्हीं में से चुनी गई एक कंपनी के जिम्मे होगी. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने संपत्ति सलाहकार कंपनियों से 9 नवंबर तक अपनी बिड जमा करने को कहा है.

MTNL की किन संपत्तियों की बिक्री करेगी सरकार
MTNL की जिन संपत्तियों की बिक्री की जाएगी, उसमें फ्लैट, अपार्टमेंट और प्लॉट्स शामिल हैं. इन्हें पांच विभिन्न क्लस्टर में बांटा गया है. एक बयान के मुताबिक, DIPAM चाहती है कि इनमें से हर एक क्लस्टर के लिए एक-एक संपत्ति सलाहकार की​ नियुक्ति की जाए. ये संपत्ति MTNL के कर्मचारियों के लिए क्वार्टर के रूप में हैं, जो कि महाराष्ट्र के मुंबई में स्थिति है.

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MTNL ने सौंपी संपत्तियों की लिस्ट


न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अपनी एक रिपोर्ट में दीपम के हवाले से कहा है कि चुनी गई सलाहकार कंपनियों को आवंटित हर एक संपत्ति के लिए तीन हफ्तों में व्यवहार्यता रिपोट देनी होगी. उन्हें इन संपत्तियों के सौदे के बारे में परामर्श देना और उसे पूरा करना में मदद करनी होगी. MTNL ने DIPAM को मोनेटाइजेशन वाली इन संपत्तियों की एक लिस्ट सौंपी है. इनमें तीन जमीन के टुकड़े, दो स्टाफ क्वार्टर और एक टेलीफोन एक्सचेंज के साथ स्टाफ क्वार्टर शामिल हैं.

कुछ समय पहले ही केंद्र सरकार ने कहा है कि सभी मंत्रालयों, सरकारी विभागों और सरकारी क्षेत्रों की इकाइयों के लिए MTNL और BSNL की सेवाओं के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है. इसके लिए टेलिकॉम​ विभाग ने सभी मंत्रालयों, विभागों, CPSEs और केंद्रीय स्वायत्त संगठनों से कहा है कि वो इंटरनेट, बॉडबैंड, लैंडलाइन और लीज्ड लाइन जरूरतों के लिए MTNL या MTNL नेटवर्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें.



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सरकार की तरफ से यह आदेश MTNL और MTNL के घाटे को कम करने के लिए दिया गया है. बीते कुछ समय में ही इन दोनों टेलिकॉम कंपनियों के ग्राहकों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है. भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को वित्तीय वर्ष 2019-20 में 15,500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. इस दौरान एमटीएनएल को 3,694 करोड़ रुपये रहा.
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