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दिल्ली में सीलिंग को लेकर की एमनेस्टी स्कीम लाने की डिमांड, जानें क्या है यह

कैट ने केन्द्र सरकार से सीलिंग के मामले पर एमनेस्टी स्कीम लाने की डिमांड की
कैट ने केन्द्र सरकार से सीलिंग के मामले पर एमनेस्टी स्कीम लाने की डिमांड की

कैट ने केन्द्र सरकार से सीलिंग के मामले पर एमनेस्टी स्कीम लाने की डिमांड की है. इसके लिए कैट ने आज से एक महाअभियान शुरु किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 9, 2020, 4:00 PM IST
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नई दिल्ली. सीलिंग (Sealing) की परेशानी दिल्ली (Delhi) के लिए कोई नई नहीं है. बीते 14 साल से दुकानदार सीलिंग को लेकर परेशान हैं. अब कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) भी इस मामले को पूरे दमखम के साथ उठा रही है. कैट ने केन्द्र सरकार से सीलिंग के मामले पर एमनेस्टी स्कीम लाने की डिमांड की है. इसके लिए कैट ने आज से एक महाअभियान शुरु किया है. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को सम्बोधित एक याचिका पर एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है. वहीं ऑनलाइन (Online) सर्वे शुरु कर इस मामले पर दिल्ली के सभी कारोबारियों की राय मांगी गई है. हस्ताक्षर अभियान 15 दिसंबर तक तो ऑनलाइन सर्वे 10 दिसंबर तक चलेगा.

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कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा ने एक बयान जारी कर बताया है कि पिछले 14 सालों से दिल्ली में सीलिंग और तोड़फोड़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालांकि कैट की कोशिशों से केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने डीडीए की मार्फ़त दिल्ली के व्यापारियों को सीलिंग से बचाने के लिए अनेक कानून सम्मत निर्णय लिए.



लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनिटरिंग कमेटी ने हठधर्मिता दिखाते हुए कभी भी उक्त क़दमों को दिल्ली में लागू नहीं होने दिया. हर विषय पर अड़ंगा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. जिसके चलते दिल्ली का व्यापार बद से बदतर हो गया. अब आखिर में दिल्ली के व्यापारियों ने कैट के नेतृत्व में सीलिंग के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की है.
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सीलिंग के संबंध में यह हैं कैट की डिमांड

पीएम मोदी के नाम लिखी याचिका में कैट ने दिल्ली के व्यापारियों को सीलिंग से बचाने के लिए एक एमनेस्टी स्कीम लागू करने की मांग की है. साथ ही कहा है की दिल्ली में सील सभी दुकानों को खोल दिया जाए. 31 दिसंबर 2020 के आधार पर दिल्ली में "जो जहां है, जैसा है" के आधार पर आम माफ़ी दी जाए. बेहद वाजिब शुल्क लेकर दिल्ली की दुकानों को नियमित किया जाए. कैट ने कहा है की जब केंद्र सरकार दिल्ली में 1700 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित कर सकती है तो उसी तर्ज़ पर व्यापारियों को भी एक एमनेस्टी स्कीम दी जाए.

याचिका में कैट ने यह भी मांग की है की सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी को भंग किया जाए. साथ ही कोर्ट का सहारा लेकर किराएदारों से दुकान खाली कराने को भी रोका जाए. मॉडल टेनेन्सी एक्ट लागू किया जाए. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को पुनर्गठित कर उसमें व्यापारियों को भी प्रतिनिधत्व दिया जाए और बोर्ड को बेहद असरदार बनाया जाए.
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