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सरकार ने इन कंपनियों को दी बड़ी राहत! चीन से आयात में मिली छूट

डेल (Dell), एचपी (HP), ऐप्पल (Apple), सिस्को (Cisco) और सैमसंग (Samsung) जैसी कंपनियों को राहत देते हुए सरकार ने दिल्ली और चेन्नई में इन फर्मों के चीन से आयात पर सहमति दी.
डेल (Dell), एचपी (HP), ऐप्पल (Apple), सिस्को (Cisco) और सैमसंग (Samsung) जैसी कंपनियों को राहत देते हुए सरकार ने दिल्ली और चेन्नई में इन फर्मों के चीन से आयात पर सहमति दी.

डेल (Dell), एचपी (HP), ऐप्पल (Apple), सिस्को (Cisco) और सैमसंग (Samsung) जैसी कंपनियों को राहत देते हुए सरकार ने दिल्ली और चेन्नई में इन फर्मों के चीन से आयात पर सहमति दी.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने भारत-चीन के बीच सीमा तनाव (Indo-China Border Dispute) के चलते चीन से आयात होने वाले कई सामान पर प्रतिबंध के साथ ही आयात शुल्क में भी वृद्धि करने की घोषणा की है. जिसके चलते भारत में दूसरे देशों की कम्पनियों के व्यापार पर भी असर पड़ा है. सरकार ने इन कम्पनियों को बड़ी राहत देते हुए चीनी आयात को परमिशन दे दी है. सीएनबीसी-टीवी 18 में छपी खबर के मुताबिक़, डेल (Dell), एचपी (HP), ऐप्पल (Apple), सिस्को (Cisco) और सैमसंग (Samsung) जैसी कंपनियों को राहत देते हुए सरकार ने दिल्ली और चेन्नई में इन फर्मों के आयात की सहमति दी.

इन कंपनियों ने केंद्र के सामने आयात की प्रक्रति के बारे में बताते हुए अधिक जांच के लिए सहमति जताई थी. CNBC-TV18 को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शीर्ष स्तरीय आयातकों को 100 प्रतिशत जांच परीक्षण में छूट दी गई है. जो आयातक AEO-T3 कैटेगरी के मापदंडो को पूरा करेगी उन्हें यह छूट मिलेगी. इस छूट के लिए 11 कम्पनियों को चुना गया है.

AEO-T3 के तहत मिलेगी आयातकों को छूट-
आयातकों और निर्यातकों को AEO-T1, AEO-T2 और AEO-T3 तीन पार्ट में बांटा गया है. जिसमें AEO-T3 कानूनी और सुरक्षा मापदंडों के उच्चस्तर को दर्शाता है.
भारत-चीन सीमा तनाव में फंसे थे कंपनियों के कंटेनर-


एप्पल, डेल, एचपी और सिस्को की खेप भारत के विभिन्न बंदरगाहों पर पास होते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि एप्पल, सिस्को और डेल जैसी अमेरिकी कंपनियों के उत्पाद भारत-चीन सीमा तनाव में फंस गए थे क्योंकि चीनी आयात भारतीय बंदरगाहों पर होता है. कस्टम अधिकारियों ने कथित तौर पर चीन से आने वाले कंटेनरों को रोक लिया था और अधिकृत क्लियरेंस पेपर मांगे गए थे.

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Apple चीन पर निर्भरता को कम करना चाहता है-
एप्पल चीन के ऊपर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है और अगले पांच वर्षों में 40 बिलियन डॉलर के मोबाइल हैंडसेट भारत से निर्यात करना चाहता है. Apple बाकी अन्य ब्रांड्स की तरह हैंडसेट खुद नहीं बनाता बल्कि दूसरे निर्माताओं से अनुबंध के आधार पर प्रओत करता है. Apple के दो ताइवानी अनुबंध निर्माता - फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन ने पहले से ही प्रोडक्शन-लिंक्ड-इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत अपने आवेदन जमा कर दिए हैं.

हालांकि, दक्षिण कोरियाई दिग्गज कंपनी सैमसंग भी अगले पांच वर्षों में भारत में 20 बिलियन डॉलर मूल्य के हैंडसेट बनाने और निर्यात करने की योजना बना रहा है. लेकिन अभी तक पीएलआई (PIL) आवेदन जमा नहीं किया है.
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