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लघु उद्योगों से निर्यात बढ़ाने पर सरकार का जोर, ये है कारण

भाषा
Updated: November 16, 2019, 8:28 PM IST
लघु उद्योगों से निर्यात बढ़ाने पर सरकार का जोर, ये है कारण
एमएसएमई क्षेत्र

केन्द्रीय MSME और सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र से निर्यात बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है.

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नई दिल्ली. सरकार MSME निर्यात बढ़ाने तथा आयात विकल्प के तौर पर स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन दिये जाने की दो नीतियों पर काम कर रही है. केंद्रीय MSME और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को लघु उद्योगों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि में MSME क्षेत्र का योगदान 29 प्रतिशत है जबकि 48 प्रतिशत निर्यात MSME क्षेत्र के जरिये किया जाता है. इसी तरह MSME क्षेत्र में 10-11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है.

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दो नीतियों पर काम कर रही है सरकार
उन्होंने कहा कि सरकार दो नीतियों पर काम कर रही है. पहली नीति निर्यात कारोबार से जुड़े उद्योगों के बारे में है, कैसे उन्हें समर्थन दिया जा सकता है ताकि निर्यात बढ़ाया जा सके.’’ उन्होंने कहा कि चमड़ा उद्योग का कुल कारोबार 1,40,000 करोड़ रुपये का है. इसमें 80,000 से 90,000 करोड़ रुपये का कारोबार घरेलू स्तर पर ओर 45,000 से 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार निर्यात से होता है.

गडकरी ने कहा, ‘‘मैंने उनसे आधुनिकीकरण, अद्यतन, उत्पाद डिजाइन पर काम करने को कहा है. कैसे उत्पादन की लागत घटाई जाए और गुणवत्ता को सुधारा जा सके, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हमारी हिस्सेदारी बढ़ सके. हम निर्यात कारोबार को मजबूत करने की नीति पर काम कर रहे हैं.’’
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घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर
उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार आयातित उत्पादों के बदले देश में ही उनका विकल्प तलाश कर उत्पादन बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है. गडकरी ने कहा, ‘‘अभी तक जिन उत्पादों का विशेष रूप से आयात किया जा रहा है, उनका देश में ही विनिर्माण होना चाहिए. हमारी इन दो नीतियों पर वाणिज्य मंत्रालय से बातचीत चल रही है और यह अंतिम चरण में है.’’

डिफेंस में भी MSME का योगदान
उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के रक्षा क्षेत्र में योगदान का भी उल्लेख किया. गडकरी ने रक्षा क्षेत्र की खरीद प्रक्रिया को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि कई साल तक फाइल अटकी रहती है और जब उत्पाद को अंतिम रूप दिया गया और निविदायें जारी की जातीं हैं तब तक उत्पाद उपयोगी नहीं रह जाता है.

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उन्होंने रक्षा खरीद प्रक्रिया में बदलाव पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र को रक्षा क्षेत्र से उतना काम नहीं मिलता है जितना मिलना चाहिये. MSME मंत्री ने कहा कि इस बारे में अध्ययन किया जाना चाहिये ताकि एक बेहतर नीति तैयार की जा सके जिससे रक्षा उद्योग में एमएसएमई को काम मिल सके.

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First published: November 16, 2019, 8:28 PM IST
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