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इस साल सरकारी बैंकों को मिलेंगे 83000 करोड़ रुपये, सरकार ने संसद में सप्लीमेंट्री डिमांड पेश की

सरकार मौजूदा फिस्कल में अगले कुछ महीनों में सरकारी बैंकों को 83,000 करोड़ डालेगी. इससे पहले सरकार ने कहा था कि सरकारी बैंकों को 41,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी मिलेगी.
सरकार मौजूदा फिस्कल में अगले कुछ महीनों में सरकारी बैंकों को 83,000 करोड़ डालेगी. इससे पहले सरकार ने कहा था कि सरकारी बैंकों को 41,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी मिलेगी.

सरकार मौजूदा फिस्कल में अगले कुछ महीनों में सरकारी बैंकों को 83,000 करोड़ डालेगी. इससे पहले सरकार ने कहा था कि सरकारी बैंकों को 41,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी मिलेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 20, 2018, 5:20 PM IST
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सरकार मौजूदा फिस्कल में अगले कुछ महीनों में सरकारी बैंकों को 83,000 करोड़ डालेगी. इससे पहले सरकार ने कहा था कि सरकारी बैंकों को 41,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी मिलेगी. सरकारी बैंकों को अतिरिक्त रकम रीकैपिटलाइजेशन बॉन्ड के जरिए दी जाएगी. इसके लिए सरकार ने संसद में सप्लीमेंट्री डिमांड भी पेश की है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बात की जानकारी दी.

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सरकार ने गुरुवार को संसद में सप्लीमेंट्री डिमांड पेश की है जिसमें वित्त वर्ष 2019 के लिए 85,948 करोड़ अतिरिक्त रकम की मांग की गई है. इसमें राज्यों की सब्सिडी के लिए 5500 करोड़ रुपये की चीनी कंपनियों के बफर स्टॉक के लिए 450 करोड़ रुपये की, चीनी मिलों के लिए 400 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के लिए 6084 करोड़ रुपये के अतिरिक्त रकम की मांग की गई है.



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5 बैंकों को मिल चुकी है पूंजी- सरकार ने इससे पहले इसी महीने पांच सरकारी बैंकों-पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक में 11,336 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी.

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पीएनबी को पहले ही दो बार पूंजी मिल चुकी है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अब पूंजी पर्याप्तता अनुपात के लिए कम पूंजी की जरूरत है, क्योंकि रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह उनके लिए वैश्विक नियमों या बेसल तीन के अनुपालन की समय सीमा एक साल बढ़ाकर मार्च, 2020 तक कर दी है. पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश कार्यक्रम की घोषणा की थी.



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