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100 करोड़ रुपये की इस योजना से बदलेगी किसानों की किस्मत, सरकार ने की लॉन्च

News18Hindi
Updated: October 11, 2019, 7:09 PM IST
100 करोड़ रुपये की इस योजना से बदलेगी किसानों की किस्मत, सरकार ने की लॉन्च
अगर आप युवा (Yuva) हैं और को-ऑपरेटिव सोसाइटी (Co-operative Society) बना कर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप (Social Entrepreneurship) में हाथ आजमाना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है

अगर आप युवा (Yuva) हैं और को-ऑपरेटिव सोसाइटी (Co-operative Society) बना कर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप (Social Entrepreneurship) में हाथ आजमाना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है

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  • Last Updated: October 11, 2019, 7:09 PM IST
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नई दिल्ली. अगर आप युवा (Yuva) हैं और को-ऑपरेटिव सोसाइटी (Co-operative Society) बना कर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप (Social Entrepreneurship) में हाथ आजमाना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है. सरकार एग्री को-ऑपरेटिव्स (Agri Co-operatives) के लिए नई योजना लेकर आ रही है. इस योजना का नाम 'युवा सहकार (Yuva Sahkar) योजना' होगा. इस योजना की शुरुआत कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) ने 11 अक्टूबर को प्रगति मैदान (Pragati maidan) में लगने वाले इंडिया इंटरनेशनल को-ऑपरेटिव ट्रेड फेयर (IICTF) में किया.

चीन की तर्ज पर किसान सहकारिता से गांवों में अर्थक्रांति लाने के लिए मोदी सरकार 100 करोड़ रुपए के बजट के साथ युवा-सहकार नाम से एक नवाचारी योजना शुरू कर रही है. खास बात ये है कि आज से ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं, जिसमें भारत और चीन के बीच कई अहम समझौते होने की उम्मीद की जा रही है.

भारत सरकार की स्टार्टअप और स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रमों की तरह युवाओं को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (एनसीडीसी) ने युवा सहकार सहकारी उद्यम सहायता व नवाचारी योजना-2019 की परिकल्पना की है. इस योजना का मकसद सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाना है. इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग शुरू करने के लिए सरकार की ओर से बेहद कम ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा.

इन संस्थाओं को मिलेगी प्राथमिकता

मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सरकार की इस योजना में देश के पूर्वोत्तर इलाके के सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ नीति आयोग द्वारा चिन्हित आकांक्षी जिलों में पंजीकृत सहकारी और शतप्रतिशत महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और शारीरिक रूप से अशक्त सदस्य वाले सहकारिता को विशेष प्रमुखता दी जाएगी.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि हमारे 94 प्रतिशत किसान कम से कम एक सहकारिता संस्थान के सदस्य हैं. सहकारिता क्षेत्र में कृषि निर्यात को मौजूदा 30 अरब डॉलर से 2022 तक 60 अरब डॉलर तक पहुंचाने की क्षमता है. इस मेले में 35 देशों की करीब 150 सहकारी समितियां व 20 केंद्रीय व राज्य स्तरीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं.

इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश भी शामिल हैं. इस मेले का आयोजन राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम ने कृषि एवं वाणिज्य मंत्रालय के सहयोग से नाफेड और एपीडा जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर किया है.
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तोमर ने कहा कि भारतीय अंतरराष्ट्रीय सहकारिता व्यापार मेले का आयोजन पहली बार हो रहा है. यह भारतीय सहकारी उत्पादों के निर्यात संवर्द्धन का एक प्रमुख मंच होगा.

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First published: October 11, 2019, 4:36 PM IST
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