बंदरगाहों और मरीन सेक्टर के वर्कफोर्स बनेंगे स्किल्ड, दो मंत्रालयों के बीच समझौता

बंदरगाहों और मरीन सेक्टर के वर्कफोर्स बनेंगे स्किल्ड, दो मंत्रालयों के बीच समझौता
इससे बंदरगाहों को पहले से बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय के बीच गुरुवार को एक समझौता हुआ, जिसके तहत बंदरगाहों और मरीन सेक्टर के वर्कफोर्स को स्किल्ड बनाया जाएगा. दोनों मंत्रालयों की तरु से साझा बयान में कहा गया कि बदलती दुनिया के साथ हमें स्किल वर्कफोर्स में भी बदलाव की जरूरत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 7:05 PM IST
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नई दिल्ली. बंदरगाहों और मरीन सेक्टर (Ports and Maritime sector) में स्किल्ड वर्कफोर्स की जरूरत को समझते हुए केंद्र सरकार अब उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग मोड्यूल्स, एसेसमेंट और सर्टिफिकेशन प्रोसेस को लागू करने जा रही है. इसके लिए गुरुवार को स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship) और शिपिंग मंत्रालय (Ministry of Shipping) के बीच एक समझौता हुआ है. दोनों मंत्रालयों की तरफ से जारी एक साझा बयान में कहा गया कि इस सहमति के तहत बंदरगाहों और मरीन सेक्टर में बेहतर स्किल को लाने का काम किया जाएगा. बदलती दुनिया के साथ हमें स्किल वर्कफोर्स में भी बदलाव की जरूरत है. इससे बंदरगाहों को पहले से बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

वर्कफोर्स को स्किल्ड बनाने में मिलेगी मदद
इस पार्टनरशिप के तहत कैंडिडेट्स के लिए ट्रेनिंग, एसेसमेंट और सर्टिफिकेशन प्रोसेस को लागू किया जाएगा. इससे शिपिंग सेक्टर में वर्कफोर्स को स्किल्ड बनाने और बेहतर क्वॉलिटी के मैनपावर तैयार करने में मदद मिलेगी. स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय मौजूदा क्वालिफिकेशन पैक्स को चिन्हित करेगा और इसके आधार पर नये क्वॉलिफिकेशन पैक्स को तैयार करेगा. यह राष्ट्रीय व्यावासियक स्टैंडर्ड के आधार पर तैयार किया जाएगा. इसके लिए विभिन्नस सेक्टर के लिए पहले से तैयार किए गए नेशनल स्किल क्वॉलिफिकेशन फ्रेमवर्क की तर्ज पर होगा.

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दोनों मंत्रालयों के बीच इस सहमति के बाद मौजूदा और रिटायर्ड कर्मचारियों को संबंधित कोर्स के तहत एसेसर या ट्रेनर के रूप में काम करने का भी मौका मिल सकेगा. स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय प्राइवेट सेक्टर और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी सीएसआर के फंडिंग जुटाएगी, जिसे बंदरगाहों और मरीन सेक्टर के वर्कफोर्स को स्किल्ड बनाने पर खर्च किया जाएगा.



स्किल डेवलपमेंट मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय और शिपिंग राज्य मंत्री (स्वतंत्र पदभार)मनसुख मंडाविया की मौजूदगरी में गुरुवार को दोनों मंत्रालयों के बीच इस समझौत पर हस्ताक्षर हुआ. पांडेय ने कहा कि अर्थव्यवस्था को विकसित करने में मरीन ट्रांसपोर्ट की अहम भूमिका है. शिपिंग मंत्रालय से यह रणनीतिक साझेदारी भी इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है.

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मंडाविया ने कहा, 'इस पार्टनरशिप से हमारे ​कैंडिडेट्स को संभावनाएं मिल सकेंगी, जो बंदरगाहों और मरीन सेक्टर में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसके अतिरिक्त, भारत और अंतर्राष्ट्रीय कोटलाइन में भी उनके लिए नये मौके पैदा हा सकेंगे.'
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