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बड़ी खबर! 1 साल नौकरी करने वाला भी होगा ग्रेच्युटी का हकदार, मोदी सरकार बदल सकती है नियम

बड़ी खबर! 1 साल नौकरी करने वाला भी होगा ग्रेच्युटी का हकदार, मोदी सरकार बदल सकती है नियम

मोदी सरकार बदल सकती है ग्रेच्युटी का नियम

मोदी सरकार बदल सकती है ग्रेच्युटी का नियम

अभी ग्रेच्युटी (Gratuity) उन्हीं लोगों को मिलती है, जो किसी कंपनी में लगातार पांच साल तक नौकरी करते हैं. 5 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर ग्रैच्युटी नहीं मिलती है.

    नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) ग्रेच्युटी (Gratuity) के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि मोदी सरकार ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की सीमा को घटाकर 1 साल करने जा रही है. इसके लिए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में एक संशोधित बिल लेकर आएगी. हालांकि, सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा 5 साल से घटाकर 1 साल करने के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इस बात की भी कोई ठोस जानकारी नहीं है कि सरकार संसद के आगामी सत्र में इस तरह के विधेयक को पेश करेगी या नहीं.

    फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, हाल ही में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कोड ऑफ सोशल सिक्योरिटी 2019 पर एक ड्राफ्ट तैयार किया है और इस ड्राफ्ट पर स्टेक होल्डर और जनता से सुझाव व टिप्पणियां मंगाई हैं. मंत्रालय को निर्धारित प्रारूप में सुझाव भेजने की अंतिम तिथि पिछले सप्ताह (25 अक्टूबर) समाप्त हो गई.

    ग्रेच्युटी की सीमा बढ़कर हुई 20 लाख रुपये
    बता दें कि इस साल अंतरिम बजट में सरकार ने ग्रेच्युटी भुगतान सीमा को 10 लाख रुपये बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया था. अब लगभग पांच साल के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली अधिकतम 10 लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर अधिकतम 20 लाख रुपये कर दिया गया है.

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    5 साल की नौकरी पर मिलती है ग्रेच्युटी
    अभी ग्रेच्युटी उन्हीं लोगों को मिलती है, जो किसी कंपनी में लगातार पांच साल तक नौकरी करते हैं. 5 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर ग्रैच्युटी नहीं मिलती है. ऐसे में सरकार ग्रैच्युटी के लिए निर्धारित 5 साल की लिमिट को घटाकर एक साल कर सकती है.

    क्या होती है ग्रेच्युटी?
    अगर ग्रेच्युटी को सरल भाषा में जाने तो यह कर्मचारियों को उनकी कंपनी के द्वारा दिया जाना वाला अतिरिक्त लाभ है. वर्तमान में ये कर्म चारी को तभी मिलता है जब वो एक कंपनी में पांच साल तक काम करता है. वहीं अगर सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मौत हो जाती है तो ग्रेच्युटी की रकम उसके नॉमिनी को दे दिया जाता है.

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    कैसे होती है ग्रेच्युटी की गणना?
    ग्रेच्युटी की रकम कर्मचारी के वेतन और उसकी कंपनी के लिए सेवा की अवधि पर निर्भर करती है. इसकी गणना बेहद सरल है. कर्मचारी की ग्रेच्युटी उसके 15 दिनों के वेतन को जितने साल तक उसने उस दफ्तर में काम किया है उससे गुणा कर निकाला जाता है. एक्ट के तहत आने वाले इम्पलॉई के लिए ग्रेच्युटी निकालने के लिए फॉर्मूला है:
    यह फॉर्मूला है: (15 X पिछली सैलरी X काम करने की अवधि) भाग 26
    यहां पिछली सैलरी का मतलब बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता और बिक्री पर मिलने वाला कमीशन है.

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    Tags: Business news in hindi, Employees salary, Gratuity, Modi government

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