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ग्रेच्युटी के लिए कम होने जा रही 5 साल की शर्त! यहां जानिए इससे जुड़े जरूरी नियम और कैलकुलेशन का तरीका

ग्रेच्युटी के लिए कम होने जा रही 5 साल की शर्त! यहां जानिए इससे जुड़े जरूरी नियम और कैलकुलेशन का तरीका

ग्रेच्युटी कैलकुलेट करने का तरीका क्या है?

ग्रेच्युटी कैलकुलेट करने का तरीका क्या है?

संभव है कि बहुत जल्द ही Gratuity के लिए 5 साल की शर्त को खत्म कर दिया जाए. साथ ही, फिक्स्ड ​टर्म पर काम करने वाले लोगों के लिए भी ग्रेच्युटी की व्यवस्था हो सकती है. पिछले साल ही ग्रेच्युटी की सीमा (Gratuity Maximum Limit) को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया था.

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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार लेबर कोड (Labor Code) में कुछ अहम बदलाव करने जा रही है, जिसके बाद ग्रेच्युटी के लिए 5 साल की शर्त खत्म हो सकती है. इसके बाद अब Gratuity पाने के लिए किसी भी कंपनी में लगातार 5 साल काम करने की जरूरत नहीं होगी. अगर कोई कर्मचारी किसी कंपनी में 1 साल के लिए भी काम करता है तो वह भी ग्रेच्युटी के लिए हकदार होगा. इसके अलावा, फिक्स्ड टर्म पर काम करने वाले लोगों को भी ग्रेच्युटी की सुविधा मिल सकेगी.

    हालांकि, अभी तक सोशल सिक्योरिटी कोड (Social Security Code) में समय सीमा का जिक्र नहीं है. संसद की स्थायी समिति इस महीने अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. इसके बााद लेबर कोड पर सरकार संसद की मंजूरी लेगी. ऐसे में सरकार के इस फैसले के बाद 1 साल भी किसी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा. आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब.

    सवाल: क्या होती है ग्रेच्युटी?
    जवाब: आसान भाषा में समझें तो किसी कंपनी में लगातार कई सालों तक काम करने वाले कर्मचारी को सैलरी, पेंशन और प्रोविडेंट फंड (PF- Provident Fund) के अलावा जो पैसा मिलता है, उसे ग्रेच्युटी कहते हैं. इसका एक छोटा सा हिस्सा कर्मचारी की सैलरी से कटता है, लेकिन ग्रेच्युटी का बड़ा हिस्सा कंपनी अपनी तरफ से देती है. यह एक तरह से कंपनी का लॉन्ग टर्म बेनिफिट की तरह होता है.

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    सवाल: कौन करता है ग्रेच्युटी का भुगतान?
    जवाब: किसी भी कंपनी में एक तय समय तक काम करने वाले कर्मचारियों की ग्रेच्युटी दी जाती है. मौजूदा नियमों के मुताबिक, ग्रेच्युटी का हकदार होने के लिए कर्मचारी को कम से कम 5 साल तक एक ही कंपनी में काम करना होता है. मीडिया रिपोर्ट्स में इसी समय सीमा को 5 साल से घटाकर 1 साल करने की बात हो रही है. ग्रेच्युटी एक्ट के मुताबिक, जिस कंपनी में 10 या उससे अधिक कर्मचारी होते हैं, उस कंपनी के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिलता है. ग्रेच्युटी का भुगतान कंपनी ही करती है.

    सवाल: मौजूदा नियमों के मुताबिक कैसे कैलकुलेट की जाती है ग्रेच्युटी?
    जवाब: ग्रेच्युटी की गणित थोड़ी जटिल होती है. लेकिन, चिंता न करें. हम आपको इसे भी आसान भाषा में समझाते हैं. मान लीजिए कि किसी कर्मचारी ने 30 साल तक एक ही कंपनी में काम किया. कर्मचारी की आखिरी सैलरी में बेसिक और महंगाई भत्ता (Basic Salary + Dearness Allowances) मिलाकर कुल 50 हजार रुपये बनता है. एक बात आपको जाननी जरूरी है कि ग्रेच्युटी का हिसाब एक महीने में 30 दिन के बजाए 26 दिन के आधार पर होता है. क्योंकि बाकी के चार दिन छुट्टी के तौर पर माना जाता है.

    अब इस 50 हजार रुपये को 26 से भाग देंगे. भाग के बाद जो रकम निकलेगी, वो 1923.07 रुपये होगी. अब कर्मचारी की सर्विस के कुल सालों को 15 से गुणा करेंगे. दरअसल, एक साल में 15 दिन के आधार पर ग्रेच्युटी कैलकुलेट की जाती है. ऐसे में 30 साल से 15 से गुणा करेंगे तो रिजल्ट 450 आएगा. अब इस 450 को 1923.07 से गुणा करेंगे. इस गुणा के बाद कुल रकम 8,65,381 होगी. इस प्रकार 30 साल तक किसी कर्मचारी के काम करने पर उसके बेसिक सैलरी व महंगाई भत्ते के आधार कुल 8 लाख 65 हजार 381 रुपये की ग्रेच्युटी मिलेगी.

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    सवाल: किन बातों पर ग्रेच्युटी निर्भर करती है.
    जवाब: किसी भी कर्मचारी को मिलने वाली ग्रेच्युटी प्रमुख तौर पर दो बातों पर निर्भर करती है. पहली तो यह कि उस कर्मचारी ने कितने साल तक काम किया है. और दूसरी यह कि उसकी अंतिम सैलरी में बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता कितना है.

    सवाल: क्या पीएफ की तरह ही ग्रेच्युटी मैनेज करने के लिए भी कोई संस्था है?
    जवाब: इसका जवाब है, नहीं. ग्रेच्युटी मैनेज करने के लिए कोई संस्था नहीं है. कंपनियां ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 (Gratuity Act, 1972) का पालन करती हैं. बीते कई सालों से इस बात की मांग की जा रही थी कि ग्रेच्युटी एक्ट में संशोधन कर योग्यता के लिए अनिवार्य समय को 5 साल से कम कर 3 साल या 1 साल कर दिया जाए. पिछले साल ही 1 फरवरी को अंतरिम बजट (Interim Budget 2019) पेश करते हुए पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ग्रेच्युटी की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का ऐलान किया था.

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    Tags: Business news in hindi, Ceiling of tax-free gratuity, Gratuity, Gratuity ceiling

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