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घर खरीदारों को धोखे से बचाने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी उठाएगी ये कदम!

घर खरीदारों को धोखे से बचाने के लिए GNA उठाएगी ये कदम

घर खरीदारों को धोखे से बचाने के लिए GNA उठाएगी ये कदम

अगर आप ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हैं

  • News18Hindi
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    अगर आप ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हैं. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी (Greater Noida authority) ने बिल्डरों (Builders) के बकाया राशि (Arrear) को जारी करने का फैसला किया है. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी बिल्डरों के हाउसिंग प्रोजेक्ट साइट्स (Housing Project Sites) के बाहर होर्डिंग्स (Hoardings) पर लंबित बकाया (Pending Dues) का विवरण देगा. इससे होमबायर्स को उस बिल्डर से घर खरीदने से पहले इसकी जानकारी मिल सके.

    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक, यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि घर खरीदार प्रोजेक्ट की वित्तीय स्थिति को जान सकें. इसके अलावा, यह बिल्डरों को बकाया चुकाने के लिए भी प्रेरित करेगा.

    203 बिल्डरों पर 7,500 करोड़ रुपये बकाया
    रिपोर्ट के मुताबिक, 203 बिल्डरों पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का 7,500 करोड़ रुपये बकाया है. इनमें से अधिकांश ने जमीन लागत के भुगतान पर डिफॉल्ट की है. प्रारंभिक भुगतान के रूप में देने के लिए आवश्यक 10% को छोड़कर.

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    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठाया गया कदम
    यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा आम्रपाली ग्रुप के 42,000 से अधिक फ्लैटों को पूरा होने में देरी के बाद अथॉरिटी की खिंचाई किए जाने के बाद उठाया गया है. अथॉरिटी अब उन बिल्डरों को भूमि आवंटन रद्द करने की योजना बना रहा है जो लंबित बकाया का भुगतान करने में विफल हैं.

    बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा ऑथोरिटी को प्रोजेक्ट पूरा करने की निगरानी के लिए एक कमेटी बनाने के लिए कहा है. 11 सितबंर को मामले की अगली सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण घर खरीदारों को निर्माण कार्य पूरा होने का प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) देने के लिए नोडल सेल बनाएं. इसके साथ ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर खरीदारों को फ्लैट्स का कब्जा सौंपने में कोई देरी हुई, तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा.

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