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Greater Noida के Mall में खरीदें सस्ती दुकानें, ग्रेनो प्रधिकरण करने जा रहा बिक्री

बाजार से कम दाम पर खरीदें यहां दुकानें
बाजार से कम दाम पर खरीदें यहां दुकानें

अगर आप भी ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में में दुकान तलाश रहे हैं, तो ग्रेटर नोएडा प्रधिकरण (Greater Noida Authority) बाज़ार से कम रेट में आपके लिए दुकानें लेकर आया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 12:04 PM IST
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ग्रेटर नोएडा. अगर आप ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में कारोबार करना चाहते हैं. या फिर ग्रेटर नोएडा में दुकान तलाश रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है. ग्रेटर नोएडा प्रधिकरण (Greater Noida Authority) बाज़ार से कम रेट में आपके लिए दुकानें लेकर आया है. यह दुकानें एक मॉल में हैं. दुकानों की बिक्री शुरु कर दी गई है. यह सभी दुकानें वहां प्राइवेट डवलपर्स के बन रहे मॉल में स्थित हैं. लेकिन प्रधिकरण की बकाया रकम न चुका पाने के चलते मॉल (Mall) पर से प्राइवेट डवलपर्स के कब्जे को खत्म कर दिया गया है.

ग्रेटर नोएडा प्रधिकरण की मानें तो सेक्टर-अल्फा 2 सी-1 में प्राइवेट डवलपर्स एवीजे को 11584 वर्ग मीटर का कमर्शियल प्लाट दिया गया था. बाद में बिना लिखा-पढ़ी के एवीजे ने यह प्लाट किसी दूसरी कंपनी को बेच दिया. लेकिन एवीजे पर प्रधिकरण का कई मद में करीब 65 करोड़ रुपये का बकाया था. कई बार चेतावनी देने के बाद भी एवीजे ने प्रधिकरण को उसकी बकाया रकम नहीं चुकाई. जिसके बाद बोर्ड की बैठक में एवीजे के इस प्लाट को निरस्त कर दिया गया है. प्रधिकरण की ओर से इस संबंध में अखबारों में एक विज्ञापन भी जारी किया गया है.

प्रधिकरण बोला- हमसे करें मॉल में दुकान की खरीद-फरोख्त



ग्रेनो प्रधिकरण ने अखबार में विज्ञापन जारी करते हुए कहा है कि 65 करोड़ रुपये की बकाया रकम जमा न करने पर प्लाट का आवंटन निरस्त कर दिया गया है. साथ ही एवीजे और उसकी सहयोगी कंपनी द्वारा मॉल में दुकानों की खरीद-फरोख्त और प्लाट से संबंधित किसी भी तरह के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है. अगर किसी ग्राहक ने एवीजे और उसकी सहयोगी कंपनी के साथ दुकान खरीदने की प्रक्रिया शुरु कर दी है तो वो आगे का लेन-देन प्रधिकरण के साथ करें. इसके लिए प्रधिकरण की ओर से मोबाइल, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी की है.
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4 और कमर्शियल प्लाट किए गए निरस्त

जानकारों की मानें तो आईटी और आईटीईएस योजना के तहत 4 और कंपनियों को आवंटित किए गए 4 प्लाट का आवंटन निरस्त कर दिया गया है. इसमे से तीन कपंनियों पर प्रधिकरण का करीब 382 करोड़ रुपये बकाया है. इसमे एक 100 एकड़ का प्लाट नॉलेज पार्क, एक 25 एकड़ का है. तीसरे प्लाट पर 33 करोड़ बकाया हैं और यह 20 एकड़ का है.
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