80 करोड़पतियों ने कहा- COVID-19 संकट से निपटने के लिए हमसे लिया जाए ज्यादा टैक्स

80 करोड़पतियों ने कहा- COVID-19 संकट से निपटने के लिए हमसे लिया जाए ज्यादा टैक्स
80 करोड़​पतियों ने ज्यादा टैक्स वसूलने को लेकर एक ओपेन लेटर लिखा है.

80 करोड़पतियों ने दुनियाभर की सरकारों को एक ओपेन लेटर (Millionaires Open Letter) लिखकर कहा है कि अत्यधिक अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाया जाए. उन्होंने लिखा, हमारे पास बहुत ज्यादा पैसा है. पूरी दुनिया को मौजूदा संकट से निपटने के लिए इसकी बेहद जरूरत है.

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लंदन. 80 से भी अधिक करोड़पतियों ने सोमवार को दुनियाभर की सरकारों से आग्रह किया कि वो अत्यधिक अमीर (Super Rich) लोगों से ज्यादा टैक्स वसूलें ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) की रिकवरी के लिए बड़ा फंड जुटाया जा सके. इन 80 करोड़पतियों ने अपने ग्रुप का नाम "Millionaires for Humanity" (मानवात के लिए करोड़ति) रखा है. उन्होंने इस ओपेन लेटर में लिखा कि इन अत्यधिक अमीर लोगों से तुंरत ज्यादा टैक्स (High Tax on Super Rich) वसूलना चाहिए और यह स्थायी भी होना चाहिए. कोरोना वायरस आउटब्रेक (Coronavirus Outbreak) की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगातार अनिश्चितता बनी हुई है और बेरोजगारी दर में भी इजाफा हो रहा है.

इस ओपेन लेटर पर हस्ताक्षर करने वाले करोड़पतियों की लिस्ट में बेन एंड जेरीज आइसक्रीम कंपनी के सह-संस्थापक जेरी ग्रीनफील्ड, स्क्रीनराइटर रिचर्ड कर्टिस और फिल्ममेकर ​एबिगेल डिज़्नी का भी नाम है. इसके अलावा, अमेरिका के उद्यमी सिडनी टोपोल और न्यूजीलैंड के रिटेलर स्टीफन टिंडल भी शामिल हैं. द गार्जियन ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है.

ओपेन लेटर में इन करोड़पतियों ने क्या लिखा?
उन्होंने इस लेटर में लिखा, 'चूंकि, कोविड-19 दुनिया को अपनी जद में ले चुका है, ऐसे में मौजूदा महामारी से निपटने में हम जैसे करोड़​पतियों की बेहद अहम भूमिका है. नहीं, हम इंटेसिक केयर वॉर्ड्स में इलाज करा रहे लोगों के उपचार के लिए नहीं है. न ही हम कोई ऐसे एंबुलेंस को ड्राइव कर रहे जो बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचा रही है. और न ही हम दरवाजे तक फूड डिलीवरी के लिए ग्रॉसरी स्टोर्स के शेल्व्स को स्टॉक कर रहे हैं.'
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इसमें आगे लिखा गया, 'लेकिन हमारे पास पैसा है, बहुत ज्यादा. वो पैसा, जिसकी बेहद जरूरत है और आने वाले समय में इस दुनिया को मौजूदा संकट से निपटने के लिए इसकी जरूरत बनी रहेगी.'

कई देश टैक्स बढ़ाने पर कर रहे विचार
इस लेटर को एक ऐसे समय पर पब्लिश किया गया है, जब G20 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक होनी है. मौजूदा संकट के बीच अधिकतर देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. इनमें से कुछ देश तो अब उच्च टैक्स वसूलने पर विचार भी करने लगे हैं.

यूनाइटेड किंग्डम में इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल स्टडीज के थिंक-टैंक का कहना है कि उच्च टैक्स अब बहुत लोगों को देना पड़ सकता है. इसमें कवेल अत्यधिक अमीर लोग ही शामिल नहीं हो सकते.

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इन देशों ने बढ़ाए टैक्स
बता दें कि इसी महीने में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज (Pedro Sanchez) ने संकेत दिया थ कि उनकी सरकार अब ज्यादा टैक्स वसूलेगी. रूस भी ज्यादा कमाई करने वालों पर टैक्स का बोझ डालने पर विचार कर रहा है. सऊदी अरब ने सेल्स टैक्स में पहले से ही इजाफा कर दिया है.कच्चे तेल की मांग घटने के बाद यहां की सरकार ने यह फैसला लिया था.

"Millionaires for Humanity" लेटर के लिए Oxfam, टैक्स जस्टिस यूके और अमेरिका में उच्च नेट वर्थ रखने वाले लोगों का एक समूह शामिल है. इस समूह का नाम Patriotic Millionaires है. कोविड-19 संकट के बीच लगातार इस बात की मांग होती रही है कि इन अमीरों को ज्यादा से ज्यादा योगदान देना चाहिए.

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कोरोना संकट के बीच भी बढ़ रही अमीरों की संपत्ति
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संकट के बीच भी अत्यधिक अमीरों की संख्या में लगातार इजाफा होा रहा है. अमेजन के संस्थापक जेफ बेज़ोस की संपत्ति में इस साल अब तक 75 अरब डॉलर का इजाफा होगा. फिलहाल उनके पास करीब 189 अरब डॉलर की कुल संपत्ति है. फिलहाल “ultra-wealthy” की कैटेगरी में आने वाले लोगों की कुल संख्या 5 लाख से भी ज्यादा है, जोकि आइसलैंड, माल्टा या बेलीज की आबादी से भी ज्यादा है.
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