आर्थिक सुधारों को लेकर शाम 5 बजे होगी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अहम बैठक, हो सकते हैं अहम फैसले

GOM की बैठक में राजनाथ सिंह समेत अन्य केंद्रीय मंत्री
GOM की बैठक में राजनाथ सिंह समेत अन्य केंद्रीय मंत्री

कोरोना संकट (Coronavirus Pandemic) में केंद्र सरकार (Government of India) की ओर से जारी किए गए आर्थिक पैकेज (Stimulus Package) को जरूरतमंदों तक पहुंचाने और आर्थिक सुधारों की रणनीति तय करने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक होगी.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Government of India) की ओर से जारी किए गए आर्थिक पैकेज को जरूरतमंदों तक पहुंचाने और आर्थिक सुधारों की रणनीति तय करने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (Group of Ministers) की दूसरी बैठक शाम 5 बजे होगी. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. इसमें गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री जयशंकर, रेल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल,  नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पूरी और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर शामिल होंगे. आपको बता दें कि इससे पहले सोमवार को भी एक बैठक हो चुकी है.

इस बैठक में 20 लाख करोड़ रुपये के घोषित पैकेज के आर्थिक सुधारों की समीक्षा होगी. माना जा रहा है कि इस बैठक में आम लोगों तक कैसे मदद पहुंचाई जाए इस पर बातचीत होगी.

20 लाख करोड़ के राहत पैकेज और आत्मनिर्भर भारत पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने CNN NEWS 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत की. उन्होंने बाताया कि राहत पैकेज से डिमांड को बूस्ट और बिजनेस को मजबूती मिलेगी. उन्होंने ये भी कहा कि कोरोना से जंग में भारत ने सराहनीय काम किया है.



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वित्त मंत्री ने बताया कि सीधा पैसा क्यों नहीं दिया. हमने सोच समझ के ऐसा पैकेज बनाया है. उस रास्ते पर ऐतराज नहीं, मगर हमने ये रास्ता चुना है. हमने इकोसिस्टम में सुधार से निवेश बढ़ाने पर जोर दिया है. कोरोना की जंग में भारत ने सराहनीय काम किया है. हम नहीं चाहते भारतीय कंपनियां सस्ते में बिकें.

वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों के पास पैसा आएगा, तो मांग बढ़ेगी. हम जिस रास्ते पर हैं, उससे मांग बढ़ेगी. MSMEs के खुलने से भी मांग बढ़ेगी. लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां बंद हुईं. हमने एक्सपर्ट से चर्चा के बाद ही पैकेज का एलान किया है.

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना महामारी से ग्लोबल इकोनॉमी को झटका लगा है. हम इकोसिस्टम में सुधार के लिए कदम उठा रहे हैं. कोरोना की वजह से अनिश्चितता बढ़ी है. इससे हुए नुकसान के एसेसमेंट करने की कोई सीमा नहीं है. लॉकडाउन के बाद ही एसेसमेंट पर विचार करेंगे.

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