सरकार का आदेश-फ्लैट में रहने वालों को अब इस सर्विस के चार्ज पर चुकाना होगा GST

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को 7,500 रुपये से अधिक का मासिक रखरखाव शुल्क देने वाले फ्लैट मालिकों को अब 18 फीसदी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) भी देना होगा.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 10:28 AM IST
सरकार का आदेश-फ्लैट में रहने वालों को अब इस सर्विस के चार्ज पर चुकाना होगा GST
सरकार का आदेश-फ्लैट में रहने वालों को अब इस सर्विस के चार्ज पर चुकाना होगा GST
News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 10:28 AM IST
अगर आप फ्लैट में रहते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्पवपूर्ण है. क्योंकि सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को 7,500 रुपये से अधिक का मासिक रखरखाव शुल्क देने वाले फ्लैट मालिकों को अब 18 फीसदी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) भी देना होगा. वित्त मंत्रालय का कहना है कि अगर यह शुल्क 7,500 रुपये से अधिक है तो पूरी रकम पर ही जीएसटी लगेगा. वहीं, किसी व्यक्ति के हाउसिंग सोसायटी या आवासीय परिसर में दो या अधिक फ्लैट हैं तो 7,500 रुपये की सीमा प्रति फ्लैट के हिसाब से होगी. अगर आसान शब्दों में समझें तो दो फ्लैट वाला व्यक्ति 7,500-7,500 कुल 15,000 रुपये का मासिक रखरखाव शुल्क देता है, तो उसे सभी फ्लैट के हिसाब से कोई जीएसटी नहीं देना होगा.

ये भी पढ़ें-GST काउंसिल मीटिंग में आपके जरूरत की ये चीज हो सकती है सस्ती

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को बताया है कि रखरखाव शुल्क प्रति सदस्य 7,500 रुपये से अधिक होने पर अपने फील्ड कार्यालयों के लिए सर्कुलर जारी किया है कि कैसे आरडब्ल्यूए जीएसटी की कैल्युलेशन कर सकते हैं. वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मासिक रखरखाव शुल्क में जीएसटी की छूट उसी स्थिति में मिलेगी जबकि यह प्रति सदस्य 7,500 रुपये से कम हो.

ये भी पढ़ें-इन प्रोडक्ट्स को 28% से कम GST स्लैब में लाए जाने की मांग

नए नियमों के अनुसार अगर प्रति फ्लैट मासिक शुल्क 7,500 रुपये से अधिक बैठता है और सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति के जरिये आरडब्ल्यूए का सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक होता है, तो आरडब्ल्यूए को अपने सदस्यों से जीएसटी का संग्रह करना होगा.
First published: July 23, 2019, 10:27 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...