GST चोरों की आने वाली है शामत, सरकार ने बनाया सुपर प्लान

GST चोरी के बड़े मामलों का पता लगाने के लिए सरकार ने सुपर प्लान बनाया है. आइए जानें इसके बारे में...

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GST चोरों की शामत आने वाली है. सीएनबीसी-आवाज़ को सूत्रों से जानकारी मिली है कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) चोरी के बड़े मामलों का पता लगाने के लिए जल्द ही इनडायरेक्ट टैक्स विभाग इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का इस्तेमाल कर सकेगा. GST इंटेलिजेंस को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का अधिकार मिलेगा. अब जीएसटी चोरी रोकने के लिए मोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन की निगरानी होगी. GST इंटेलिजेंस फोन टेप, ई-मेल को डिकोड करा सकेगा. इसके लिए राज्यों में तैनात ADG (GST) की मंजूरी जरूरी होगी. इससे चोरी रोकने के साथ रिकवरी में भी इजाफा होगा.

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अभी सिर्फ 10 बड़ी जांच एजेंसियों के पास ये विशेषाधिकार है. ये प्रस्ताव जल्द गृह मंत्रालय की मंजूरी के लिए जाएगा. बता दें कि पिछले साल विभाग ने करीब 50,000 करोड़ रुपये की चोरी पकड़ी थी इसमें से अभी तक सिर्फ 12,000 करोड़ रुपये की ही रिकवरी हुई है.



फर्जी रसीद से लगाया करोड़ों का चूना
बता दें कि GST इंटेलिजेंस ने पिछले के साल के दौरान कुल 49,158 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरियां पकड़ी गई है. आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले GST चोरी 85 फीसदी बढ़ी. हालांकि सख्त नियमों के चलते सरकारी की रिकवरी भी तेज हुई है. पिछले एक साल के दौरान रिकवरी में 300 फीसदी का इजाफा हुआ है.

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अप्रैल में अब तक का सबसे ज्यादा रिकॉर्ड GST कलेक्शन
सख्त कदमों के बाद अप्रैल महीने में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 13 हजार 865 करोड़ रुपये रहा है. जीएसटी लागू होने के बाद से किसी एक महीने में हुआ अभी तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन है. वहीं, मार्च महीने में कलेक्शन 1.06 लाख करोड़ रुपये रहा था.

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वित्त वर्ष 2018-19 में जीएसटी कलेक्शन-
>> अप्रैल 2018- 1.03 लाख करोड़ रुपये
>> मई 2018- 94,016 करोड़ रुपये
>> जून 2018- 95,610 करोड़ रुपये
>> जुलाई 2018- 96,483 करोड़ रुपये
>> अगस्त 2018- 93,960 करोड़ रुपये
>> सितंबर 2018- 94,442 करोड़ रुपये
>> अक्टूबर 2018- 1,00,710 करोड़ रुपये
>> नवंबर 2018- 97,637 करोड़ रुपये
>> दिसंबर 2018- 94,725 करोड़ रुपये
>> जनवरी 2019- 1.02 लाख करोड़ रुपये
>> फरवरी 2019- 97,247 करोड़ रुपये
>> मार्च 2019- 1.06 लाख करोड़ रुपये

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