जुलाई में जीएसटी कलेक्शन घटकर 87,422 करोड़ रुपये रहा, वित्त मंत्रालय ने बताई वजह

जुलाई में जीएसटी कलेक्शन घटकर 87,422 करोड़ रुपये रहा, वित्त मंत्रालय ने बताई वजह
वित्त मंत्रालय ने जुलाई 2020 के लिए जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी कर दिए हैं.

GST Colllection July 2020: जुलाई में कुल जीएसटी कलेक्शन 87,422 करोड़ रुपये रहा. जून 2020 में जीएसटी कलेक्शन 90,917 करोड़ रुपये रहा था. वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 1, 2020, 5:04 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने शनिवार को जानकारी दी कि जुलाई महीने में कुल जीएसटी कलेक्शन 87,422 करोड़ रुपये (GST Collection) रहा. इसमें से सेंट्रल जीएसटी (CGST) के तौर पर 16,147 करोड़ रुपये, स्टेट जीएसटी (SGST) के तौर पर 21,418 करोड़ रुपये और IGST के तौर पर 42,592 करोड़ रुपये शामिल हैं. मंत्रालय ने बताया कि आईजीएसटी में से 20,324 करोड़ रुपये गुड्स आयात और 7,265 करोड़ रुपये सेस के जरिए प्राप्त हुआ है.

जून 2020 की तुलना में पिछले महीने जीएसटी कलेक्शन (GST Collection in June) में गिरावट आई है. जून में केंद्र सरकार ने 90,917 करोड़ रुपये का जीएसटी वसूला था. ​​पिछले साल की तुलना में देखें तो जुलाई 2019 में कुल जीएसटी कलेक्शन 1.02 लाख करोड़ रुपये रहा था.


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रेग्युलर सेटलमेंट के बाद केंद्र व राज्यों को कितना जीएसटी मिला?
IGST के रेग्युलेर सेटलमेंट में से सरकार ने 23,320 करोड़ रुपये का सीजीएसटी और 18,838 करोड़ रुपये का आईजीएसटी सेटल कर दिया है. जुलाई महीने में केंद्र व राज्य सरकारों को प्राप्त कुल जीएसटी रेवेन्यू क्रमश: 39,467 करोड़ रुपये और 40,256 करोड़ रुपये रहा है.

पिछले महीने में जीएसटी रेवेन्यू (GST Revenue) को पिछले साल की सामान अवधि की तुलना में देखें तो यह 86 फीसदी है. इसी प्रकार गुड्स इंपोर्ट से आने वाला जीएसटी 84 फीसदी और डोमेस्टिक लेनदेन से आने वाले रेवेन्यू 96 फीसदी है. वित्त मंत्रालय ने इस बारे में भी जानकारी दी है.

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क्यों जून की तुलना में कम रहे जुलाई के आंकड़े?
जारी बयान में कहा गया, 'जुलाई की तुलना में जून का जीएसटी रेवेन्यू ज्यादा रहा था. हालांकि, ध्यान देने योग्य है कि पहले के महीने में टैक्सपेयर्स ने बड़े स्तर पर टैक्स जमा किया था. कोविड-19 के मद्देनजर राहत देने के बाद फरवरी, मार्च और अप्रैल 2020 के लिए यह किया गया था. यह भी ध्यान योग्य है कि 5 करोड़ रुपये सालाना के टर्नओवर से कम कमाने वाले टैक्सपेयर्स को सितंबर 2020 तक रिर्टन फाइलिंग का लाभ मिल रहा है.'
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