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नवंबर में GST टैक्स वसूली एक लाख करोड़ रुपये से कम रहने का अनुमान!

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Updated: November 30, 2018, 12:02 PM IST
नवंबर में GST टैक्स वसूली एक लाख करोड़ रुपये से कम रहने का अनुमान!
नवंबर में GST टैक्स वसूली 99,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान

नवंबर में जीएसटी वसूली 99 हजार करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है. वहीं, सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 6 फीसदी बढ़कर 100,710 करोड़ रुपये रहा.

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  • Last Updated: November 30, 2018, 12:02 PM IST
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नवंबर में जीएसटी वसूली 99 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. वहीं, सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 6 फीसदी बढ़कर 100,710 करोड़ रुपये रहा. आपको बता दें कि कारोबारियों और ट्रेडर्स को 31 दिसंबर 2018 तक जीएसटी का सालाना रिटर्न GSTR-9 फाइल करना है. कारोबारियों को जीएसटीआर-9 के लिए पहले से रिकॉर्ड तैयार करने होंगे क्योंकि इसमें पूरे साल के सेल परचेज की डिटेल देनी है.

मौजूदा वित्त वर्ष में किस महीने कितना आया GST
>>
अप्रैल 2018: 1.03 लाख करोड़ रुपये
>> मई 2018: 94,016 करोड़ रुपये



>> जून 2018: 65,610 करोड़ रुपये
>> जुलाई 2018: 96,483 करोड़ रुपये


>>  अगस्त 2018: 93,960 करोड़ रुपये
>>  सितंबर 2018: 94,442 करोड़ रुपये
>> अक्टूबर 2018 :100,710 करोड़ रुपये
>>  नवंबर 2018: 99 हजार करोड़ रुपये (अनुमानित)

ये भी पढ़ें-GST महत्वपूर्ण सुधार, केवल दो तिमाही में पड़ा विकास दर पर असर: जेटली

अक्टूबर में टैक्स वसूली 1 लाख करोड़ के पार पहुंची-जीएसटी लागू होने के बाद अक्टूबर में दूसरी बार ऐसा हुआ था जब वसूली एक लाख करोड़ रुपये का पार पहुंची. इससे पहले इसी साल अप्रैल में जीएसटी से सरकार को 1.03 लाख करोड़ रुपए मिले थे. सितंबर में यह कलेक्शन 94,442 करोड़ रुपए था.

किन राज्यों में कितनी ग्रोथ- GST कलेक्शन के मामले में जिन राज्यों की ग्रोथ सबसे ज्यादा रही है, उनमें केरल(44%), झारखंड(20%), राजस्थान(14%), उत्तराखंड(13%) और महाराष्ट्र(11%) शामिल हैं.

केंद्र और राज्यों को कितना मिला- अक्टूबर 2018 में सरकार को GST के जरिए 100710 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ है. सेटलमेंट के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को प्राप्त होने वाले रेवेन्यू का कुल आंकड़ा CGST के मामले में 48954 करोड़ और SGST के मामले में 52934 करोड़ रुपये रहा.

 



जीएसटीआर-9 में देनी होगी ये जानकारी- जीएसटीआर-9 में सभी 12 महीनों की जीएसटीआर-1, जीएसटीआर2 ए, जीएसटीआर-3बी की डिटेल और डेटा देना होगा. आपको इन सभी रिटर्न में दी गई जानकारी की डिटेल्स जीएसटीआर-9 में देनी होगी. हालांकि, कारोबारियों के पास 1 महीने से अधिक का समय है लेकिन इसे फाइल करने के लिए कारोबारियों को पहले से ज्यादा पेपरवर्क करना होगा. कारोबारियों के लिए बेहतर होगा कि वह जीएसटी की वेबसाइट से अपने पिछले डेटा रिकॉर्ड पहले से ही निकाल लें.

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First published: November 30, 2018, 12:02 PM IST
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