आखिरी किस्‍त: राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र ने जारी की 20वीं इंस्‍टॉलमेंट, दिए 1.10 लाख करोड़ रुपये

केंद्र सरकार ने राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जीएसटी क्षतिपूर्ति की आखिरी किस्‍त जारी कर दी है.

केंद्र ने जीएसटी कलेक्‍शन (GST Collection) में हुई गिरावट की भरपाई के लिए राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सामने दो विकल्‍प रखे थे. इसके बाद 28 राज्‍यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों ने पहले विकल्‍प का चुनाव किया. इसी के तहत केंद्र ने राज्‍यों की ओर से कर्ज लेकर 20 किस्‍तों में जीएसटी क्षतिपूर्ति (GST Compensation) भुगतान किया है.

  • Share this:
    नई दिल्‍ली. कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन की वजह से 2020 में केंद्र और राज्यों की कमाई (Revenue Loss) को जबरदस्त धक्का लगा था. मार्च-सितंबर 2020 के दौरान के आंकड़ों को देखें तो इस समयावधि में केंद्र और राज्यों की जीएसटी कमाई (GST Income) का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा. देशभर में 22 मार्च से लॉकडाउन किए जाने के बाद कई महीनों तक आर्थिक गतिविधियां, विनिर्माण, उत्पादन और कामकाज ठप रहा, जिसकी वजह से मार्च-अगस्त 2020 तक जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) काफी कम हुआ. वित्त वर्ष 2020-21 में जीएसटी कलेक्शन में हुई गिरावट की भरपाई के लिए केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सामने दो विकल्प रखे.

    सभी राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों ने केंद्र के पहले विकल्प का चयन किया. इस व्यवस्था के तहत केंद्र राज्यों की ओर से कर्ज लेकर जीएसटी क्षतिपूर्ति (GST compensation) जारी करता है. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने आज 20वीं और अंतिम किस्त के तौर पर राज्यों को 4,104 करोड़ रुपये जारी किया है. आज जारी हुए 4104 करोड़ में से 4086.97 करोड़ रुपये 23 राज्यों के लिए जारी किया गया है. वहीं 17.03 करोड़ रुपये तीन संघशासित प्रदेशों दिल्ली, पुड्डुचेरी और जम्मू-कश्मीर के लिए जारी किया गया है.

    ये भी पढ़ें- FM निर्मला सीतारमण ने दिया बड़ा बयान! कहा, अभी पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का कोई प्रस्‍ताव नहीं

    इस ब्याज दर पर केंद्र लेता है कर्ज
    जीएसटी क्षतिपूर्ति के अंतर की 100 फीसदी रकम यानी 1,10,208 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी कर दिए हैं. इसमें से 101,329 करोड़ राज्यों और 8,879 करोड़ रुपये तीन संघशासित प्रदेशों को जारी किए जा चुके हैं. केंद्र सरकार ने राज्यों की ओर से 20वीं किस्त के लिए 4.92 फीसदी ब्याज दर पर कर्ज लेकर जीएसटी क्षतिपूर्ति भुगतान किया है. केंद्र सरकार ने अब तक पूरी राशि 1,10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज औसतन 4.85 फीसदी की ब्याज दर से लेकर राज्यों को जारी किया है.

    ये भी पढ़ें- Gold Price: सोना 12949 और चांदी 11882 रुपये हुई सस्‍ती, जानें अभी निवेश करें तो 2021 में कितना मिलेगा मुनाफा

    इस राज्य को मिला सबसे अधिक
    अब तक कुल 1.06 लाख करोड़ रुपये में से सबसे अधिक कर्नाटक को 12407 करोड़ रुपये मिले हैं. इसके अलावा आंध्र प्रदेश को 2311 करोड़ रुपये, असम को 994, बिहार को 3905 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ 3109 करोड़ रुपये, गोवा 446 करोड़ रुपये, गुजरात को 9222 करोड़ रुपये, हरियाणा को 4352 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश को 1717 करोड़ रुपये जारी किए गए. वहीं, झारखंड को 1689 करोड़ रुपये, केरल को 5766 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 4542 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 11977 करोड़ रुपये, मेघालय को 112 करोड़ रुपये और ओडिशा को 3822 करोड़ रुपये मिले हैं. इसके अलावा पंजाब को 8359 करोड़ रुपये, राजस्थान को 4604 करोड़, तमिलनाडु को 6241 करोड़, तेलंगाना को 2380 करोड़, त्रिपुरा को 226 करोड़ रुपये दिए गए हैं. केंद्र ने उत्तर प्रदेश को 6007 करोड़ रुपये, उत्तराखंड को 2316 करोड़ और पश्चिम बंगाल को 4431 करोड़ रुपये दिए हैं. वहीं, केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली को 5865 करोड़ रुपये, जम्मू-कश्मीर को 2272 करोड़ रुपये और पुड्डुचेरी को 742 करोड़ रुपये मिले हैं.

    ये भी पढ़ें- Gold Price Today: गोल्‍ड में मामूली तेजी, चांदी भी हुई महंगी, फटाफट देखें लेटेस्‍ट भाव

    यह राज्य अतिरिक्त कर्ज लेने का पात्र
    केंद्र सरकार ने पहले विकल्प को चुनने वाले राज्यों को स्पेशल विंडों के तहत कर्ज लेने की व्यवस्था दी है. इसके तहत राज्यों को स्टेट जीडीपी का 0.50 फीसदी के बराबर अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराया जाना है. आंकड़ों के मुताबिक, 28 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों को कुल 1,06,830 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराया जा सकता है. वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक महाराष्ट्र अपने जीडीपी का 0.50 फीसदी यानी 15394 करोड़ रुपये का कर्ज ले सकता है. इसके अलावा झारखंड 1,765 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश 9703 करोड़, तमिलनाडु 9627 करोड़, कर्नाटक 9018 करोड़, हरियाणा 4293 करोड़, हिमाचल प्रदेश 877 करोड़, केरल 4522 करोड़, मध्य प्रदेश 4746 करोड़, मणिपुर 151 करोड़, मेघालय 194 करोड़, मिजोरम 132 करोड़, नगालैंड 157 करोड़, ओडिशा 2858 करोड़, पंजाब 3033 करोड़, राजस्थान 5462 करोड़, सिक्किम 156 करोड़, तेलंगाना 5017 करोड़, त्रिपुरा 297 करोड़, उत्तराखंड 1405 करोड़ और पश्चिम बंगाल 6787 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज विशेष व्यवस्था के तहत ले सकता है.

    ये भी पढ़ें- किसानों को मिलेगा होली का तोहफा! त्‍योहार से पहले ही आएगी PM-KISAN की 8वीं किस्‍त, ऐसे देखें लिस्‍ट में अपना नाम

    28 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों ने चुना पहला विकल्प
    केंद्र सरकार की ओर से सुझाए गए दो विकल्पों में अधिकतर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने पहले विकल्प का चुनाव किया है. केंद्र की ओर से 23 अक्‍टूबर 2020 को शुरू की गई इस व्‍यवस्‍था में 28 राज्‍यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों ने पहला विकल्प चुना. केंद्र की मोदी सरकार ने 1 जुलाई 2017 में जीएसटी लागू करते समय राज्यों को भरोसा दिलाया था कि जुलाई 2022 तक केंद्र राज्यों को जीएसटी लागू करने पर टैक्स कलेक्शन में आई गिरावट की भरपाई करेगा. इसमें यह भी व्यवस्था की गई थी कि हर साल 14 फीसदी की राजस्व बढ़ोतरी के आधार पर यह आकलन किया जाएगा.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.