GST दरों में बदलाव पर जल्द हो सकता है फैसला, इन आइटम्स के बदल सकते हैं रेट्स

GST दरों में बदलाव पर जल्द हो सकता है फैसला, इन आइटम्स के बदल सकते हैं रेट्स
इनवर्टेड ड्यूटी वाले आइटम्स में फेरबदल संभव

अगली GST काउंसिल की बैठक में स्लैब को कम करने के अलावा फिनिश्ड प्रोडक्ट पर कम ड्यूटी को बदला जा सकता है.

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नई दिल्ली. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) वसूली में सुधार आने के बाद एक बार फिर से जीएसटी की दरों और स्लैब में बदलाव के लेकर चर्चा शुरू हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, अगली जीएसटी काउंसिल की होने वाली बैठक में मौजूदा जीएसटी के रेट्स और स्लैब इनके रेशनलाइजेशन पर चर्चा हो सकती है. खासतौर पर जीएसटी के वो आइटम्स जिन पर इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की दिक्कत है, उन पर जीएसटी की दरों में बदलाव करना जरूरी है. सरकार का मानना है कि इससे करीब सालाना 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है. साथ ही देश के मैन्युफैक्चरर्स को इससे काफी परेशानी होती है.

मार्च में जीएसटी काउंसिल की हुई पिछली बैठक में मोबाइल की दरों में सरकार ने बदलाव किया था. मोबाइल पर जीएसटी 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया था. इससे मोबाइल फोन थोड़े महंगे हो गए थे. इससे देश में मैन्युफैक्चरिंग काफी आसान हुई क्योंकि कारोबारियों का इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं उटकता.

इनवर्टेड ड्यूटी वाले आइटम्स में फेरबदल संभव
जीएसटी काउंसिल की बैठक में इनवर्टेड ड्यूटी वाले आइटम्स के रेट में फेरबदल हो सकता है. इनवर्टेड ड्यूटी वाले आइटम्स फर्टिलाइजर्स, फुटवियर, टैक्टर, फार्मा, रेडिमेड गारमेंट्स, वाटर पंम्स, मेडिकल इक्विपमेंट शामिल हैं. इसकी वजह से 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान होता है. इन तमाम चीजों में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की दिक्कते हैं. यानी कि इनका इनपुट जीएसटी ज्यादा है और आउपुट प्रोडक्ट पर जीएसटी कम होता है. ऐसे कई सारे आइटम्स हैं जिन पर सरकार ज्यादा फोकस करेगी.
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मौजूदा दो रेट्स हैं- 12 फीसदी और 18 फीसदी. उसको रेशनलाइज करने की बात की जा रही है. उसे रेवेन्यू न्यूट्रल वे के आसपास रखने की बात की जा रही थी जोकि 15.5 फीसदी के आसपास है. सरकार इन तमाम बदलावों पर चर्चा कर रही है. आने वाले दिनों में इस पर प्रस्ताव बनाकर जीएसटी काउंसिल में पेश किया जाएगी ताकि जीएसटी काउसिंल में इस पर चर्चा कर स्लैब में बदलाव किया जा सके.

जून में हुई 90,917 करोड़ रुपये की GST वसूली
जीएसटी कलेक्शन के मोर्च पर सरकार के लिए अच्छी खबर आई है. मई के मुकाबले जून में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) 46 फीसदी बढ़कर 90,917 करोड़ रुपये हो गया है. सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई यह 62,000 करोड़ रुपये रहा था. जबकि, अप्रैल में सिर्फ 32,294 करोड़ रुपये की जीएसटी वसूली हुई थी. आपको बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने मार्च के आखिरी हफ्ते से देशभर में लॉकडाउन कर दिया था. जिसकी वजह से बिजनेस गतिविधियां बिल्कुल बंद हो गई थी. इसीलिए टैक्स कलेक्शन पर इसका असर पड़ा है. (आलोक प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)
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