GST परिषद की बैठक: जानिए कौन-कौन सा सामान हुआ सस्‍ता

सिनेमा टिकट, मालवाहक वाहनों का थर्ड पार्टी मोटर बीमा और कई बैंकिंग सेवाएं सस्ती हो जाएगी. ये फैसले पहली जनवरी, 2019 से लागू होंगे.

भाषा
Updated: December 22, 2018, 8:58 PM IST
GST परिषद की बैठक: जानिए कौन-कौन सा सामान हुआ सस्‍ता
प्रतीकात्मक तस्वीर
भाषा
Updated: December 22, 2018, 8:58 PM IST
जीएसटी परिषद की शनिवार को हुई 31वीं बैठक में कई सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती या छूट देने का फैसला किया गया. इससे सिनेमा टिकट, मालवाहक वाहनों का थर्ड पार्टी मोटर बीमा और कई बैंकिंग सेवाएं सस्ती हो जाएगी. ये फैसले पहली जनवरी, 2019 से लागू होंगे.

बैठक के बाद वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा, 'कर की दरों को तर्कसंगत बनाने का काम चलता रहता है. पहली बार जब दरें तय की गयी थी, उस समय भारत में (अप्रत्यक्ष) कर की दरें 31 प्रतिशत के स्तर पर थीं, जो सर्वाधिक अतार्किक था. इसके अलावा उस समय कर पर कर का बोझ उठाना पड़ता था. इसलिए हमने इन चीजों को शुरू में अस्थायी तौर पर 28 प्रतिशत के कर के दायरे में रखा था. अगर तत्काल हम दरों को कम कर देते तो उसका असर राजस्व पर पड़ता और उससे केंद्र तथा राज्य सरकारों के सामाजिक क्षेत्र के खर्चों को कम करना पड़ता.'

उन्होंने कहा कि सबसे व्यवहारिक रास्ता यही था कि राजस्व बढ़ने का इंतजार किया जाए और दरों को धीरे-धीरे कम किया जाए. उन्होंने कहा, ‘इसीलिए अब 28 प्रतिशत के कर स्लैब को धीरे-धीरे खत्‍म किया जा रहा है.’

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की बैठक में सेवाओं पर कर की दर संबंधी प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:

-100 रुपये से ऊपर की सिनेमा की टिकट पर जीएसटी कर की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत और 100 रुपये से कम की टिकट पर कर को 18 से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है.
- मालवाहक वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम पर जीएसटी दर को 18 से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया.
-बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत प्राथमिक बचत खाता धारकों को मुहैया कराई जाने वाली सेवाओं को जीएसटी से मुक्त किया गया.
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-भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम, 1992 के तहत केंद्र/राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश या फिर आयकर अधिनियम की धार 12एए के तहत पंजीकृत इकाई द्वारा स्थापित पुनर्वास केंद्रों, शिक्षण संस्थान, पुनर्वास केंद्रों पर मान्यता प्राप्त पुनर्वास पेशेवरों द्वारा दी जाने वाली सेवा को जीएसटी से छूट.
-सरकारी विभागों/स्थानीय प्रशासन को माल परिवहन सेवा देने वाली एंजेसियां, जिन्होंने कर कटौती के उद्देश्य से धारा 51 के तहत पंजीकरण कराया है, उन्हें रिवर्स चार्ज तंत्र (आरसीएम) के तहत कर के भुगतान से छूट.
-धार्मिक हवाई सेवाओं पर इकोनॉमी श्रेणी में यात्रा करने पर अब पांच प्रतिशत और बिजनेस श्रेणी पर 12 प्रतिशत जीएसटी.
-मानसरोवर या हज यात्रा पर जाता है तो सामान्य कर.
- वाहनों की पुली, ट्रांसमिशन सॉफ्ट और क्रैंक, गेयर बॉक्स, 32 इंच तक के मॉनिटर और टीवी, पुराने या रीट्रिडेड न्यूमेटिक रबर के टायर, लिथियम ऑयन बैटरी वाले पावर बैंक, डिजिटल कैमरे और वीडियो कैमरा रिकॉर्डर, वीडियो गेम से जुड़े उपकरण एवं खेल में इस्तेमाल में लाये जाने वाले अन्य सामान पर 28 की जगह 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.
-दिव्यांगों केलिए बनाए जाने वाले वाहनों के कल-पुर्जे पर 28 की जगह पांच प्रतिशत जीएसटी होगा.
- संगमरमर के दाने को 18 प्रतिशत से पांच प्रतिशत के दायरे में लाया गया.
- प्राकृतिक कॉर्क, हाथ की छड़ी, फ्लाई एश से बने ब्लॉक को 12 प्रतिशत से पांच प्रतिशत के दायरे में डाला गया.
- संगीत से जुड़ी किताबों पर अब जीएसटी नहीं लगेगा.
- सब्जियां (कच्ची या उबाली या भांप में पकाई गईं), फ्रोजेन, ब्रांडेड और डिब्बाबंद, सब्जियां (रसायनों के जरिए संरक्षित) लेकिन सीधे खाने के लिए अनुपयुक्त पर भी कोई टैक्‍स नहीं.
- नामांकित एजेंसियों द्वारा सोने के आभूषण के निर्यातकों को सोने की आपूर्ति पर जीएसटी से छूट.
- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सरकारी अधिकारियों के मिले उपहारों की नीलामी से सरकार को प्राप्त होने वाली राशि जीएसटी के दायरे में नहीं आएगी. उपहारों की नीलामी से प्राप्त धन का इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्यों या परोपकार के लिए किया जाता है.
- कस्टम संधियों के तहत अस्थायी रूप से आयातित निजी वाहनों को आईजीएसटी/क्षतिपूरक उपकर से छूट.
- जूते-चप्पल पर उनके सौदे के मूल्य के आधार पर (पांच या 18 प्रतिशत) जीएसटी.
- फ्लैक्जिबल इंटरमेडियट बल्क कंटेनर पर अब केवल 12 प्रतिशत की जीएसटी. यह पहले मूल्य के अनुसार 5%/12% था.
- सौर बिजली परियोजनाओं और अन्य अक्षय ऊर्जा संयंत्रों के लिए जीएसटी की दरें:
- अक्षय ऊर्जा के उपकरणों और उनके विनिर्माण पर पांच प्रतिशत की जीएसटी। इन संयंत्रों में इस्तेमाल में लायी जाने वाली अन्य वस्तुओं या सेवाएं जीएसटी के दायरे में आएंगी।
- नोजल, लैटरल और अन्य उपकरणों के साथ आने वाली स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर 12 प्रतिशत की जीएसटी.
- रिग, टूल और स्पेयर को काम के लिए ले जाने पर जीएसटी नहीं लगेगा बशर्ते उन्हें आगे और आपूर्ति के लिए न ले जाया जा रहा हो.
-खोई की गत्तों पर 12 प्रतिशत की जीएसटी
- तेल शोधन कंपनियों/फ्रैक्शनर द्वारा थोक में तेल विपणन कंपनियों को घरेलू इस्तेमाल की बॉटलिंग के लिए आपूर्ति की जाने वाली एलपीजी गैस पर पांच प्रतिशत की रियायती दर से जीएसटी.
- पशु, कुक्कुट, मछली के चारों पर जीएसटी लागू नहीं है फिर भी उनमें इस्तेमाल की जाने वाली फिश मिल, मीट बोन मील, भूसा, शार्प, खली आदि पर ये छूट लागू नहीं होगी.
- सत्तु या सतुआ पर जीएसटी लागू होगा.
- पॉलीप्रोपोलिन के बुने और गैर-बुने थैले पर 18 प्रतिशत की जीएसटी.
- लुग्दी बनाने में काम आने वाले लकड़ी के लट्ठों पर 18 प्रतिशत की जीएसटी.
- टर्बो चार्जर (कोड 8414) पर कर की दर पांच नहीं बल्कि 18 प्रतिशत है.
- कढ़ाई वाले या फीते लगे थ्रीपीस सूट को कपड़े की श्रेणी में रखा जाएगा और उस पर पांच प्रतिशत की जीएसटी वसूली जाएगी.
- कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्रों के कुछ उपकरणों पर जीएसटी प्रतिशत रखने की गुंजाइश.

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First published: December 22, 2018, 8:58 PM IST
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