GST Council Meeting Update: राज्यों को मुआवजा दिए जाने की जरूरत, GST कलेक्शन में 2.35 लाख करोड़ की कमी

GST Council Meeting Update: राज्यों को मुआवजा दिए जाने की जरूरत, GST कलेक्शन में 2.35 लाख करोड़ की कमी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India)

GST Council Meeting Update: जीएसटी काउंसिल की मीटिंग से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए यहां पढ़ें...

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 3:46 PM IST
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जीएसटी काउंसिल (GST Council) की 41वीं बैठक जारी है. जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी कम्पेनसेशन (GST Compensation) पर चर्चा हो सकती है. माना जा रहा है कि सोना बेचने पर तीन फीसदी जीएसटी लगाए जाने पर फैसला हो सकता है. साथ ही, गोल्ड को ई-वे बिल के दायरे में लाने और टू-व्हीलर्स पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया जा सकता है.

जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर से मिलने वाला राजस्व राज्यों को दिया जाता है, ऐसे में केन्द्र सरकार इस कर की गारंटी के बदले कर्ज नहीं ले सकती है क्योंकि यह उसका नहीं है. वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी है. केन्द्र और राज्य सरकारों चालू वित्त वर्ष के दौरान माल एवं सेवाकर (जीएसटी) राजस्व में होने वाले करीब 2.35 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई को लेकर एक दूसरे के आमने सामने हैं. केन्द्र के गणित के हिसाब से इस राशि में से करीब 97,000 करोड़ रुपये की ही राशि है जिसका नुकसान जीएसटी पर अमल की वजह से होगा जबकि शेष 1.38 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान कोविड- 19 के प्रभाव की वजह से होगा.

केन्द्र सरकार ने जीएसटी राजस्व की भरपाई के लिये राज्यों के समक्ष पिछले महीने दो विकल्प रखे थे. एक विकल्प यह दिया था कि राज्य जीएसटी क्षतिपूर्ति का 97,000 करोड़ रुपये रिजर्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाले विशेष खिड़की सुविधा से उधार लेकर पूरा कर लें और दूसरा विकल्प की राज्य 2.35 लाख करोड़ रुपये की पूरी राशि बाजार से जुटा लें. इस उधार को चुकाने के लिये जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर को 2022 के बाद भी जारी रखा जायेगा. जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर विलासिता, गैर-जरूरी और अहितकर वस्तुओं पर लगाया जाता है.



गैर- भाजपा शासित छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर राज्यों को दिये गये दोनों विकल्पों का विरोध किया है. पश्चिम बगाल, केरल, दिल्ली, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु ने राजस्व भरपाई के लिये राज्यों द्वारा उधार लेने के सुझाव को दर किनार करते हुये केन्द्र से भरपाई का इंतजाम करने को कहा है. केन्द्र सरकार के सूत्रों ने बताया कि जीएसटी कानून के तहत क्षतिपूर्ति उपकर ऐसा कर है जो कि राज्यों का है.
केन्द्र का इस पर अधिकार नहीं है ऐसे में केन्द्र इस कर के एवज में बाजार से उधार नहीं जुटा सकता है. एक सूत्र ने कहा, ‘‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 292 के मुताबिक केन्द्र सरकार भारत की संचित निधि के तहत अपने संसाधनों और करों की गारंटी पर ही उधार ले सकती है. वह ऐसे कर की गारंटी के एवज में उधार नहीं ले सकती ह जो उसका नहीं है.’’ सूत्रों ने कहा कि क्षतिपूर्ति उपकर राज्यों को समर्पित संसाधन है और केवल राज्य ही इस उपकर के तहत भविष्य में होने वाली प्राप्ति के बदले बाजार से उधार उठा सकते हैं. यह उपकर आखिरकार राज्यों के संचित कोष में ही जायेगा.
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