कोरोना दवा पर GST रेट में कोई बदलाव नहीं, जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए ये फैसले

GST Council की बैठक 8 महीने बाद हो रही है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक का आयोजन शुक्रवार को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ.

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    नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की अगुवाई में शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल (GST Council) की 43वीं बैठक हुई. यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई. लगभग 8 महीने के अंतराल पर हुई इस बैठक में हुए कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं किया गया. हालांकि, ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा के आयात पर शुल्क में छूट का फैसला किया गया.

    ब्लैक फंगस की दवा पर टैक्स छूट
    जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि मेडिकल सामग्री और टीके पर टैक्स ढांचे को लेकर मंत्रियों का समूह विचार विमर्श करेगा. बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि काउंसिल ने ब्लैक फंगस बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी के आयात को एकीकृत जीएसटी से छूट देने का फैसला लिया गया है. इस पर वर्तमान में 5 फीसदी की रेट से जीएसटी लगता है.

    जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र सरकार उठाएगी कर्ज
    वित्त मंत्री ने कहा, ''राज्यों की जीएसटी राजस्व की क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र सरकार पिछले साल की तरह ही इस साल भी कर्ज उठाएगी और उसे राज्यों को जारी करेगी. इस साल यह राशि 1.58 लाख करोड़ रुपये होगी.''

    सेस सिस्टम को लेकर जीएसटी काउंसिल का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा
    जीएसटी सिस्टम लागू होने के समय शुरू की गई सेस सिस्टम के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि जुलाई 2022 के बाद भी सेस सिस्टम को लागू रखने के मुद्दे पर विचार करने के लिए जीएसटी काउंसिल का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा जिसमें केवल इस बारे में ही चर्चा होगी.

    उल्लेखनीय है कि जुलाई 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू करते समय राज्यों को पांच साल तक उनकी राजस्व में आने वाली कमी की भरपाई के लिए कुछ खास वस्तुओं पर सेस लगाने की व्यवस्था शुरू की गई थी. सेस से मिलने वाली राशि को राज्यों को उनके राजस्व भरपाई के लिए जारी किया जाता है.

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    छोटे टैक्सपेयर्स को राहत
    काउंसिल की बैठक में छोटे टैक्सपेयर्स को माफी योजना के जरिए देरी से रिटर्न फाइल करने पर राहत की घोषणा की गई है.