500 करोड़ रुपए टर्नओवर वाले बिजनेस के लिए 1 अक्टूबर से GST e-invoice होगा अनिवार्य, जल्द जारी होगी अधिसूचना

500 करोड़ रुपए टर्नओवर वाले बिजनेस के लिए 1 अक्टूबर से GST e-invoice होगा अनिवार्य, जल्द जारी होगी अधिसूचना
500 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए जीएसटी ई-चालान

सरकार एक नई जीएसटी ई-चालान योजना (GST e-invoice scheme) को अधिसूचित करेगी, जिसके तहत 500 करोड़ रुपए और उससे ज्यादा के बिजनेस वाले सेंट्रलाइज्ड गवर्नमेंट पोर्टल पर सभी चालान जेनरेट कर पाएंगे. यह सुविधा 1 अक्टूबर से शुरू होगी.

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नई दिल्ली. सरकार एक नई जीएसटी ई-चालान योजना (GST e-invoice scheme) को अधिसूचित करेगी, जिसके तहत 500 करोड़ रुपए और उससे ज्यादा के बिजनेस वाले सेंट्रलाइज्ड गवर्नमेंट  पोर्टल पर सभी चालान जेनरेट कर पाएंगे. यह सुविधा 1 अक्टूबर से शुरू होगी. एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी. इससे पहले, बिजनेस के थ्रेसहोल्ड टर्नओवर 100 करोड़ रुपये थी. CBIC के प्रिंसिपल कमीशनर (GST) योगेंद्र गर्ग ने कहा कि मौजूदा गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) रिटर्न फाइलिंग सिस्टम को नई प्रणाली में प्रस्तावित सुविधाओं को शामिल करके और बेहतर बनाया जाएगा.

गर्ग ने यहां एक एसोचैम के कार्यक्रम में कहा, कल, GST कार्यान्वयन समिति ने सिफारिश की है कि हम 1 अक्टूबर की समय सीमा (ई-चालान के लिए) के साथ आगे बढ़ेंगे. हम इसे 100 करोड़ रुपये और उससे अधिक के लिए शुरू नहीं करेंगे, जैसा कि हमने अधिसूचित किया था. हम जल्दी ही इसे 1 अक्टूबर से 500 करोड़ रुपए करने की एक नोटिफिकेशन जारी करेंगे. हम हम 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले लोगों के लिए तारीख का ऐलान करेंगे.

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उन्होंने कहा कि नए टर्नओवर थ्रेसहोल्ड अगले सप्ताह तक नोटिफाई की जाएगी. ई-इनवाइस का उद्देश्य नकली चालान जारी करने के माध्यम से जीएसटी चोरी पर अंकुश लगाना था. इसके अलावा, यह व्यवसायों के लिए रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बना देगा क्योंकि एनवाइस डाटा पहले से ही एक सेंट्रलाइज्ड पोर्टल द्वारा कैप्चर कर लिया जाएगा.
पिछले साल नवंबर में सरकार ने कहा था कि 1 अप्रैल से इलेक्ट्रॉनिक एनवाइस (e-invoice) 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए अनिवार्य होगा. बाद में मार्च 2020 में, GST काउंसिल ने कार्यान्वयन तिथि को 1 अक्टूबर तक बढ़ा दिया. काउंसिल ने बीमा, बैंकिंग, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन, एनबीएफसी और पैंसेंजर ट्रांसपोर्ट सर्विस को भी ई-चालान जारी करने से छूट दी थी.

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गर्ग ने कहा कि जीएसटी के पिछले 3 वर्षों में एक भी महीना ऐसा नहीं हुआ है जिसमें जीएसटी के तहत पंजीकृत सभी व्यवसायों द्वारा रिटर्न दाखिल किया गया हो. जीएसटी पंजीकृत व्यवसायों का लगभग 70-80 प्रतिशत नियत तारीख के भीतर रिटर्न दाखिल करता है.
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