अगले साल से इन कंपनियों के लिए अनिवार्य होगी GST E-invoicing, जानिए क्या हैं नए नियम?

अगले साल से इन कंपनियों के लिए अनिवार्य होगी GST E-invoicing, जानिए नियम?
अगले साल से इन कंपनियों के लिए अनिवार्य होगी GST E-invoicing, जानिए नियम?

100 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाली फर्मों के लिए जीएसटी ई-इनवॉइसिंग (GST E-invoicing) अनिवार्य होगी. आपको बता दें कि पहले यह लिमिट 500 करोड़ रुपये थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 4:44 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. 100 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाली फर्मों के लिए जीएसटी ई-इनवॉइसिंग (GST E-invoicing) अनिवार्य होगी. आपको बता दें कि पहले यह लिमिट 500 करोड़ रुपये थी. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ने मंगलवार को इस बारे में अधिसूचना जारी की. इसमें कहा गया है कि जीएसटी काउंसिल की सिफारिश पर यह बदलाव किया गया है. यह व्यवस्था 1 जनवरी, 2021 से लागू होगी.

ई-इनवॉइसिंग के दायरे में लाना इकॉनमी के फॉर्मेलाइजेशन की दिशा में एक और कदम
इस बदलाव से बड़ी संख्या में मझोली कंपनियां ई-इनवॉइसिंग के दायरे में आ जाएंगी. माना जा रहा है कि 1 अप्रैल 2021 से इसे सभी टैक्सपेयर्स के लिए इसे बी2बी ट्रांजैक्शन के वास्ते अनिवार्य बना दिया जाएगा. केएमपीजी इंडिया में पार्टनर (इनडायरेक्ट टैक्सेज) हरप्रीत सिंह ने कहा कि 100 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले डीलरों को ई-इनवॉइसिंग के दायरे में लाना इकॉनमी के फॉर्मेलाइजेशन की दिशा में एक और कदम है.

ये भी पढ़ें:- दिवाली से पहले रेलवे ने कैंसिल की ये 34 ट्रेनें, चेक करें ये लिस्ट
1 अक्टूबर से लागू हुई थी व्यवस्था


इसके क्रियान्वयन में शुरुआत में कुछ परेशानी हो सकती है लेकिन लॉन्ग टर्म में इससे ज्यादा पारदर्शिता आएगी, कर व्यवस्था बेहतर होगी और कर अनुपालन तथा फाइलिंग में ऑटोमेशन होगा. बिजनस टु बिजनस ट्रांजैक्शन में ई-इनवॉइसिंग की व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू की गई थी. 500 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए इसे अनिवार्य बनाया गया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज