GST Fraud करने वालों के लिए बुरी खबर! केंद्र सरकार इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की मदद से कस रही शिकंजा

1 जुलाई 2017 में जीएसटी लागू करते समय केंद्र की मोदी सरकार ने राज्यों को आश्वस्त किया था कि जुलाई 2022 तक केंद्र राज्यों को जीएसटी लागू करने पर टैक्स कलेक्शन में आई गिरावट की भरपाई करेगा.

1 जुलाई 2017 में जीएसटी लागू करते समय केंद्र की मोदी सरकार ने राज्यों को आश्वस्त किया था कि जुलाई 2022 तक केंद्र राज्यों को जीएसटी लागू करने पर टैक्स कलेक्शन में आई गिरावट की भरपाई करेगा.

वित्‍त सचिव (Finance Secretary) अजय भूषण पांडे ने बताया कि केंद्र ने इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की मदद से जीएसटी धोखाधड़ी (GST Fraud) करने वाले 7,000 उद्यमियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इसमें 187 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इससे सरकार के टैक्‍स रेवेन्‍यू में तेजी से सुधार आया है. सरकार को दिसंबर 2020 में 1.15 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी हासिल हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 6:22 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार वस्‍तु व सेवा कर धोखाधड़ी (GST Fraud) से जुड़े मामलों में सख्‍ती बढ़ा रही है. अब सरकार जीएसटी धोखाधड़ी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए आयकर विभाग (Income Tax Department) की मदद भी ले रही है. वित्‍त सचिव (Finance Secretary) अजय भूषण पांडे ने बताया कि केंद्र सरकार ने इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट (IT Department) की मदद से गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स में धोखाधड़ी (GST Fraud) करने वाले 7,000 उद्यमियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इसमें 187 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

कार्रवाई से बढ़ा केंद्र सरकार का टैक्‍स रेवेन्‍यू

वित्‍त सचिव ने बताया कि जीएसटी धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई से सरकार के टैक्‍स रेवेन्‍यू (Tax Revenue) में तेजी से सुधार आया है. सरकार को दिसंबर 2020 में 1.15 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी हासिल (GST Collection) हुआ है. यह राशि किसी एक महीने में अब तक का सबसे ज्‍यादा जीएसटी कलेक्‍शन है. इसके लिए कर चोरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और अर्थव्यवस्था में आ रहे सुधार को मुख्य वजह माना जा रहा है. पांडे ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने के दौरान जीएसटी के फर्जी बिल के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के चलते पांच चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक कंपनी सचिव सहित कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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कार्रवाई की जद में कई बड़ी कंपनियां भी आईं

पांडे ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई 40-50 दिन से जेल में हैं. इनमें कुछ प्रबंध निदेशक भी शामिल हैं. कार्रवाई की जद में कुछ बड़ी कंपनियां भी हैं, जो कई स्तरीय लेनदेन के जरिये फर्जी बिल के घोटाले में शामिल पाई गईं. ये कंपनियां जीएसटी और इनकम टैक्‍स की चोरी कर रही थीं. इसलिए उनके खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं. उन्‍होंने कहा कि हमने 1.20 करोड़ के कर आधार में से 7,000 कर चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है. इस लिहाज से हमारी सफलता की दर काफी ऊंची है. ये कार्रवाई आयकर विभाग, सीमा शुल्क इकाई, एफआईयू, जीएसटी डिपार्टमेंट और बैंकों से मिली जानकारी के आधार पर की गई है.

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1 अप्रैल 2021 से इन पर अनिवार्य होगा ई-चालान

अजय भूषण पांडे ने कहा कि 1 अप्रैल 2021 से पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले सभी बी2बी लेनदेन पर ई-चालान को अनिवार्य कर दिया जाएगा. इससे पहले 1 अक्‍टूबर 2020 से 500 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार करने वाली कारोबारियों के लिए ई-बिल अनिवार्य किया गया, जबकि 1 जनवरी से 100 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार करने वाली इकाइयों के लिए इसे अनिवार्य बनाया गया. पांडे ने कहा कि इस प्रावधान के जरिये मुखौटा कंपनियों को लक्ष्य बनाया गया है. हमने कई ऐसी मुखौटा कंपनियों का पता लगाया है, जो करोड़ों रुपये के फर्जी बिल जारी करती हैं और कोई आयकर नहीं देती हैं. ये कंपनियां पूरी देनदारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिये चुका रही हैं.
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