घर खरीदारों के लिए बड़ी खबर! 10 मई से आपका बिल्डर वसूलेगा अलग-अलग टैक्स, ऐसे समझें पूरा मामला

एक ही प्रोजेक्ट के अलग-अलग टावर्स की GST दर अलग-अलग हो सकती है. क्योंकि जीएसटी काउंसिल के फैसले के मुताबिक बिल्डरों को नए या पुराने दर 10 मई तक चुनने की आजादी है.

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एक ही प्रोजेक्ट के अलग-अलग टावर्स की GST दर अलग-अलग हो सकती है. क्योंकि जीएसटी काउंसिल के फैसले के मुताबिक बिल्डरों को नए या पुराने दर 10 मई तक चुनने की आजादी है. सरकार ने एक बार फिर स्पष्टीकरण जारी करके ये सफाई दी है. अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट/मकान और अफोर्डेबल हाउसिंग पर फैसला 19 मार्च को हुआ था. जीएसटी की नई रियायती दरें एक अप्रैल से लागू हुई हैं, जिसके तहत किफायती घरों पर 1 फीसदी और दूसरे घरों पर 5 फीसदी GST  का भुगतान करना होगा.

पहले यह दर क्रमश: 8 फीसदी और 12 फीसदी थी. जिन रियल्टी प्रोजेक्ट्स के कंस्ट्रक्शन का काम चालू है, उन्हें नई और पुरानी जीएसटी दर में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया गया है. सीबीआईसी ने कहा है कि बिल्डरों को 10 मई तक इसमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा.





जिन रियल्टी प्रोजेक्ट्स का कंस्ट्रक्शन 1 अप्रैल 2019 के बाद शुरू हुआ है, उन्हें इस तरह का विकल्प नहीं दिया गया है. 1 अप्रैल 2019 बाद से शुरू हुए रियल्टी प्रोजेक्ट्स पर अनिवार्य रूप से 1 फीसदी और 5 फीसदी की नई GST दर लगेगी. सीबीआईसी के स्पष्टीकरण में कहा गया है कि जीएसटी दर व्यवस्था को चुनने का विकल्प बिल्डर के पास होगा, न कि बायर के पास. ये भी पढ़ें: इस देश को नोट छापते वक्त एक गलती से हुआ 11 हजार करोड़ का नुकसान
(आलोक प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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