छोटे कारोबारियों के लिए दो बड़ी खुशखबरी! अब 1 अप्रैल से नहीं कराना होगा GST रजिस्ट्रेशन

छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हुआ है. वित्त मंत्रालय की ओर से GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी हो गया है
छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हुआ है. वित्त मंत्रालय की ओर से GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी हो गया है

छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हुआ है. वित्त मंत्रालय की ओर से GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी हो गया है

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छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान हुआ है. वित्त मंत्रालय की ओर से GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी हो गया है. अब 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. यह छूट 1 अप्रैल से लागू होगी. इससे छोटे एवं मझोले उद्यमों को बड़ा फायदा होगा. इसके अलावा 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली इकाइयों को एक मुश्त कर (कंपोजीशन) की योजना भी एक अप्रैल से लागू होगी. आपको बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते जीएसटी पर मंत्रियों की एक समिति ने रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना टर्नओवर की सीमा बढ़ाने पर सहमति जताई थी.

10 लाख से ज्यादा कारोबरियों को मिलेगा फायदा- कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)  की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस फैसले से छोटे व्यापारियों को फायदा मिलेगा. जीएसटी में छूट की सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने से लगभग 10 लाख छोटे व्यापारी टैक्स दायरे से बाहर हो सकते हैं जो एक अच्छा संकेत है.

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10 जनवरी को हुआ था फैसला- वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल ने 10 जनवरी को ये फैसला किया था. परिष्द में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं. वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार ये फैसला 1 अप्रैल से प्रभावी होंगे.
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘वस्तुओं की आपूर्तिकर्ताओं के लिए जीएसटी के तहत पंजीकरण और भुगतान से छूट के लिये दो सीमा है. एक सीमा 40 लाख रुपये और दूसरी सीमा 20 लाख रुपये है. राज्यों के पास एक सीमा अपनाने का विकल्प है.’

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सेवा प्रदाताओं के पंजीकरण के लिये सीमा 20 लाख रुपये तथा विशेष श्रेणी वाले राज्यों के मामले में सीमा 10 लाख रुपये है. साथ ही जीएसटी एक मुश्त योजना के तहत अब 1.5 करोड़ रुपये के कारोबार वाले कारोबारी आएंगे जबकि अबतक यह सीमा 1.0 करोड़ थी. इसके तहत कारोबारियों को एक प्रतिशत कर देना होता है. यह एक अप्रैल से प्रभावी होगा.
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