56 लाख किसानों को बिना प्रीमियम दिए मिलेगा 1 लाख रु तक का मुआवजा, यहां शुरू हुई नई योजना

56 लाख किसानों को बिना प्रीमियम दिए मिलेगा 1 लाख रु तक का मुआवजा, यहां शुरू हुई नई योजना
56 लाख किसानों को मिलेगा फसल बीमा का लाभ

सोमवार को किसानों के लिए नई योजना की घोषणा की, जिसके तहत सूखे, अत्यधिक बारिश या बेमौसम बरसात के कारण फसल नुकसान का सामना करने वाले किसानों को, बिना कोई प्रीमियम दिए मुआवजा मिलेगा.

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  • Last Updated: August 11, 2020, 9:51 AM IST
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गांधीनगर. गुजरात (Gujarat) के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने सोमवार को किसानों के लिए नई योजना की घोषणा की, जिसके तहत सूखे, अत्यधिक बारिश या बेमौसम बरसात के कारण फसल नुकसान का सामना करने वाले किसानों को, बिना कोई प्रीमियम दिए मुआवजा मिलेगा. इस योजना को ‘मुख्‍यमंत्री किसान सहाय योजना’ का नाम दिया है. यह योजना खरीफ की फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की जगह लेगी. मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने सोमवार को गांधीनगर में पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश के 56 लाख किसानों की खरीफ फसल के लिए राज्‍य सरकार जीरो प्रीमियम पर फसल बीमा की सुविधा देगी.

इतने रु का मिलेगा मुआवजा-
रूपाणी ने बताया कि जून से नवंबर के बीच बाढ़ या बेमौसम बारिश से किसानों की खरीफ फसल बर्बाद होती है तो सरकार चार हेक्‍टेयर तक की फसल का मुआवजा देगी. मुआवजा तभी दिया जाएगा, जब सूखा या अधिक बारिश या बेमौसम बारिश के कारण फसल का नुकसान 33 फीसदी से ज्यादा का होगा. 60 फीसद फसल के नुकसान पर प्रति हेक्‍टेयर 20 हजार व इससे अधिक फसल नष्‍ट होने पर 25 हजार रुपये प्रति हेक्‍टेयर का मुआवजा दिया जाएगा. इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसानों को बीमा का रजिस्ट्रेशन कराने व प्रीमियम भरने की भी जरूरत नहीं होगी.

रूपाणी ने कहा कि केवल इस वर्ष के लिए, हम PMFBY को मुख्‍यमंत्री किसान सहाय योजना के साथ बदल रहे हैं क्‍योंकि बीमा कंपनियों ने इस बार हमसे बहुत अधिक प्रीमियम की मांग की है. किसान सहायता योजना व स्‍टेट डिजास्‍टर रिलीफ फंड इन दोनों के लाभ किसानों को दिए जाएंगे.
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4,500 करोड़ रुपये का आएगा खर्च-
उन्होंने कहा कि इस साल बीमा कंपनियों द्वारा मांगी गई राशि औसतन लगभग 1,800 करोड़ रुपये के प्रीमियम से अधिक है. इस प्रकार, हमने इस वर्ष के लिए निविदा स्वीकार नहीं करने और इस योजना को शुरू करने का फैसला किया है. यदि हम उनका टेंडर मंजूर करते हैं, तो राज्य सरकार को अपने हिस्से के रूप में 4,500 करोड़ रुपये देने होंगे.

56 लाख किसानों को मिलेगा फायदा-
इस नई योजना से गुजरात के 56 लाख किसानों को फायदा मिलेगा. रूपाणी ने कहा, योजना के लिए एक पोर्टल शुरू किया जाएगा. इस पोर्टल पर किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वन अधिकार अधिनियम के तहत पंजीकृत आदिवासी किसान भी इस योजना के लिए पात्र होंगे. चूंकि राज्य सरकार ने पहले ही फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान करने के लिए 1,800 करोड़ रुपये अलग रखे थे.
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