सावधान! हैकर्स ने अपनाया नया तरीका, SBI Credit Points को रिडीम करने के नाम पर ऐसे कर रहे अकाउंट खाली

ये SMS खाली कर सकता है आपका बैंक अकाउंट, हो जाएं सावधान

ये SMS खाली कर सकता है आपका बैंक अकाउंट, हो जाएं सावधान

पिछले कुछ दिनों से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक हैकर्स की नजर में हैं. हैकर्स कई SBI यूजर्स को संदेहजनक मैसेज भेज रहे हैं, जिसमें संदिग्ध टेक्स्ट मैसेज भेजकर उनसे SBI क्रेडिट पॉइंट (SBI Credit Point) को रिडीम का अनुरोध किया गया है. अगर आपके पास भी आया है ऐसा कोई मैसेज तो हो जाएं सावधान...

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 2, 2021, 12:50 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के बीच महामारी के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) के जरिये लोगों को लाखों की चपत लगाने के कई मामले सामने आ चुके हैं. इस बीच स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों को साइबर अटैक (Cyber Attack) के बारे में चेतावनी जारी की है. पिछले दिनों एसबीआई के कई यूजर्स को हैकरों ने एक फिशिंगस स्कैम का निशाना बनाया है. हैकरों ने कई यूजर्स को संदिग्ध टेक्स्ट मैसेज भेजकर उनसे 9,870 रुपये के SBI क्रेडिट पॉइंट (SBI Credit Point) को रिडीम का अनुरोध किया गया है.

इस नए तरीके से ग्राहक को बना रहे निशाना

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसान, हैकर्स ने SBI यूजर्स को एक टेक्स्ट मैसेज भेजते हैं. इस मैसेज में एक लिंक भी दिया हुआ है जिस पर क्लिक करने के लिए कहा जाता है. इस लिंक को क्लिक करते ही एक फर्जी वेबसाइट खुलती है, जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया फिल योर डिटेल्स (State Bank of India Fill Your Details) फॉर्म का ऑप्शन होता है. इसे भरने के लिए यूजर्स को कहा जाता है. इसमें संवेदनशील फाइनेंशियल डिटेल जैसे कार्ड नंबर, एक्पायरी डेट, CVV और Mpin शेयर करने के लिए कहा जाता है.

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फर्जी वेबसाइट पर जाती है पर्सनल डिटेल

दिल्ली स्थित थिंक टैंक साइबरपीस फाउंडेशन और ऑटोबोट इंफोसेक प्राइवेट लिमिटेड की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फर्जी वेबसाइट पर पर्सनल जानकारी जैसे नाम, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, ईमेल, ईमेल पासवर्ड और डेट ऑफ बर्थ मांगी जाती है. फॉर्म सब्मिट होने के बाद यूजर्स को Thank you पेज पर रिडायरेक्ट किया जाता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, वेबसाइट के डोमेन नेम का सोर्स भारत में ही हो सकता है और रजिस्ट्रेशन करने वाले का संबंध तमिलनाडु से हो सकता है. यह वेबसाइट बिना किसी वेरीफिकेशन के डेटा कलेक्ट कर लेती है और SBI के अधिकारी के बजाय किसी थर्ड पार्टी के जरिए रजिस्ट्रेशन किया जाता है. लिहाजा यह पूरी प्रकिया संदिग्ध बन जाती है.



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इसके अलावा फाउंडेन ने कहा है कि SBI के मुताबिक, वो कभी भी अपने ग्राहकों से SMS या ईमेल के जरिए संपर्क स्थापित नहीं करते हैं. जिसमें यूजर्स के अकाउंट के संबंध में लिंक होते हैं. कोई भी रेपुडेट बैंकिंग सुरक्षा कारणों से अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर CMS टेक्नोलॉजी जैसे वर्डप्रेस का इस्तेमाल नहीं करती है.

ऐसे बैंक अकाउंट का एक्‍सेस हासिल कर लेते हैं हैकर्स

स्‍टेट बैंक के मुताबिक, हैकर्स के निशाने पर खासतौर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद के लोग हैं. हैकर्स की ओर से भेजे गए ई-मेल को क्लिक करने पर यूजर किसी फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं. इसके बाद इस फर्जी वेबसाइट पर निजी या बैंक अकाउंट की जानकारी देने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है.

दरअसल, जब यूजर हैकर्स को अपनी निजी जानकारी दे देता है तो उन्‍हें उनके बैंक अकाउंट का एक्‍सेस हासिल करने में आसानी हो जाती है. ऐसे में यूजर का बैंक अकाउंट खाली भी हो सकता है.

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CERT-In जारी कर चुका है साइबर अटैक का अलर्ट

भारतीय कंप्‍यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने भी इससे पहले शनिवार को हर सरकारी विभाग, संस्थानों और नागरिकों को चेतावनी दी थी कि जल्‍द ही कोई बड़ा साइबर अटैक हो सकता है. चेतावनी में कहा गया था कि फ्री Covid-19 टेस्ट के नाम पर ये हैकर्स साइबर हमला करने के प्रयास में हैं. इससे पहले 2016 में देश के बैंकिंग संस्थानों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा था. इसमें हैकर्स ने कई ग्राहकों के डेबिट कार्ड के पिन समेत कई गोपनीय जानकारियां चुरा ली थीं. इसके बाद एसबीआई ने अपने ग्राहकों को 6 लाख नए डेबिट कार्ड जारी किए थे.
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