1 जून से ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग होगा अनिवार्य! क्या पुराने गहनों पर भी पड़ेगा प्रभाव, जानिए सबकुछ

कोरोना के बीच पर्याप्त सेंटर नहीं होने से ज्यादा मुश्किल बढ़ेगी

CAIT ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार का कदम सकारात्मक है लेकिन जल्दबाजी से नुकसान उठाना पड़ सकता है. देश के 11 राज्यों में एक भी हॉलमार्किंग सेंटर नहीं है. BIS को हॉलमार्किंग सेंटर तुरंत खोले जाने के निर्देश दें.

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    नई दिल्ली. देश में अगले महीने यानि एक जून से BIS की हॉलमार्किंग (BIS hallmarking) के ही आभूषण बिकेंगे. जिसका मतलब यह है कि सोने की गहनों की खरीदारी में घोखाधड़ी की गुंजाइश लगभग न के बराबर होगी. हॉलमार्किंग के नए नियम से एक सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि यदि देश में सिर्फ हॉलमार्किंग वाले आभूषण ही बिकेंगे तो उन आभूषणों का क्या जो पहले खरीदे गए हैं और उन जिन हॉलमार्किंग नहीं है? सवाल उठना लाजमी है. कोरोना काल (Covid 19) में सरकार कैसे हॉलमार्किंग इसकी तैयारियां करेगी इसे लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति जरूर है, लेकिन अगर ये नियम एक जून से लागू हो जाते हैं तो सोने के आभूषण की खरीद-बिक्री पर क्या-क्या बदलेगा? आप नया ज्वेलरी खरीदने वाले हैं तो आपको क्या फायदा होने वाला है? या फिर घर में पड़े पुराने ज्वेलरी का क्या होगा? आज हम गोल्ड हॉलमार्किंग से जुड़ी हर बारीकियों को समझने की कोशिश करेंगे.


    बढ़ेगी शुद्धता की गारंटी !


     एक जून से हॉलमार्किंग के नियम लागू होने वाले हैं। जिसके बाद सोने के गहनों पर BIS की हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी।  सिर्फ 22 कैरट, 18 कैरट, 14 कैरट की ज्वेलरी बिकेगी.  हॉलमार्किंग से धोखाधड़ी की शिकायतें खत्म होगी. हॉलमार्किंग में BIS की मुहर, कैरेट की जानकारी होगी. ज्वेलरी कब बनी, इसका साल, ज्वेलर का नाम अंकित होगा. बतादें कि BIS हॉलमार्किंग सिस्टम को इंटरनेशन मानदंडों से जोड़ा गया है. हॉलमार्किंग से गोल्ड मार्केट में पारदर्शिता बढ़ जाएगी.


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    पुराने गहनों का क्या होगा


    घर में रखे पुराने गहनों की भी हॉलमार्किंग कराई जा सकती है. किसी भी हॉलमार्क सेंटर पर जाकर हॉलमार्किंग करा सकते हैं. हालांकि पुराने गहनों की हॉलमार्किंग का शुल्क थोड़ा ज्यादा होगा. बिना हॉलमार्किंग वाले गहनें बेचने में थोड़ी परेशानी संभव है. बिना हॉलमार्किंग वाले गहनों की कीमत कम मिल सकती है.


    गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई


    1 लाख से लेकर ज्वेलरी के दाम के 5 गुना तक का जुर्माना संभव है. धोखाधड़ी पर जुर्माना के साथ 1 साल तक की कैद भी हो सकती है. जांच के लिए सरकार ने BIS-Care के नाम App भी लॉन्च की है.
    App पर शुद्धता की जांच के साथ शिकायत की भी सुविधा मौजूद है.  हॉलमार्किंग से संबंधित गलत जानकारी पर कर शिकायत सकते हैं. 


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    CAIT की डेडलाइन बढ़ाने की मांग


    पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखकर CAIT ने इसके लिए डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है.  CAIT का कहना है कि 1 जून से नियम लागू होने से ज्वेलर्स को नुकसान होगा.  CAIT का कहना है कि देश में अब भी पर्याप्त मात्रा में हॉलमार्किंग सेंटर नहीं है.  ऐसे में 1 जून से नियम लागू होने पर छोटे व्यापारियों को कारोबार बंद करना पड़ सकता है. कोरोना के बीच पर्याप्त सेंटर नहीं होने से ज्यादा मुश्किल बढ़ेगी. CAIT  ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार  का कदम सकारात्मक है लेकिन जल्दबाजी से नुकसान उठाना पड़ सकता है. देश के 11 राज्यों में एक भी हॉलमार्किंग सेंटर नहीं है. BIS को हॉलमार्किंग सेंटर तुरंत खोले जाने के निर्देश दें.


    WCG की रिपोर्ट


    WCG की रिपोर्ट के अनुसार मार्च तिमाही में देश में सोने की खपत 37 फीसदी बढ़ी है. मार्च तिमाही में देश में सोने की खपत 140 टन रही है.लॉकडाउन से चालू तिमाही में डिमांड में कमी आई है.  Q1 में ज्वेलरी डिमांड 39 फीसदी बढ़कर 102.5 टन रही है. शादियों के कारण ज्वेलरी डिमांड में इजाफा हुआ है. Q1 में इनवेस्टमेंट डिमांड 34 फीसदी बढ़कर 37.5 टन रहने का अनुमान है जबकि Q1 में स्क्रैप गोल्ड की सप्लाई 20 फीसदी घटकर 14.8 टन पर रह सकती है.