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हरदीप सिंह पुरी ने बताया पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने का फार्मूला! OPEC से कहा- बढ़ाएं कच्‍चे तेल का उत्‍पादन

हरदीप सिंह पुरी ने बताया पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने का फार्मूला! OPEC से कहा- बढ़ाएं कच्‍चे तेल का उत्‍पादन

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, इकोनॉमिक रिकवरी को बनाए रखने के लिए सस्‍ती ऊर्जा जरूरी है.

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा, इकोनॉमिक रिकवरी को बनाए रखने के लिए सस्‍ती ऊर्जा जरूरी है.

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने सेरा वीक के 'इंडिया एनर्जी फोरम' में कहा कि तेल की मांग और ओपेक प्लस (OPEC+) जैसे उत्पादकों की तरफ से होने वाली आपूर्ति में अंतर है. ऐसे में उत्पादन बढ़ाए जाने की जरूरत है.

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    नई दिल्ली. दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता भारत ने आगाह किया कि तेल की ऊंची कीमतें (Crude Price Hike) नाजुक वैश्विक आर्थिक पुनरुद्धार पर बुरा असर डालेंगी. भारत ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) और तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) के सदस्य देशों से सस्ती व भरोसेमंद आपूर्ति की दिशा में काम करने को कहा है. साथ ही भारत ने दीर्घकालीन आपूर्ति अनुबंधों का विचार रखते हुए कहा कि इससे भरोसेमंद और स्थिर कीमत व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी.

    ‘तेल आपूर्ति और मांग में है बड़ा अंतर’
    पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने सेरा वीक के ‘इंडिया एनर्जी फोरम’ में कहा कि तेल की मांग और ओपेक प्लस (OPEC+) जैसे उत्पादकों की तरफ से होने वाली आपूर्ति में अंतर है. ऐसे में उत्पादन बढ़ाए जाने की जरूरत है. उन्‍होंने कहा कि दुनिया को कोविड-पूर्व स्तर पर आने के लिए भरोसेमंद, स्थिर और सस्ती कीमत की जरूरत है. इससे पेट्रोल और डीजल के दामों पर नियंत्रण रखने में भी आसानी होगी. वहीं, पेट्रोलियम सचिव तरुण कपूर ने कहा कि भारत जैसे आयातक देश फिलहाल सऊदी अरब और इराक जैसे ओपेक देशों से तेल खरीद अनुबंध करते हैं. इनसे मात्रा को लेकर तो निश्चितता रहती है, लेकिन कीमत डिलिवरी के समय अंतरराष्ट्रीय मूल्य के आधार पर तय होती है.

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    ‘तेल के दाम तय करने को बनें मानक’
    पेट्रोलियम सचिव तरुण कपूर ने कहा कि गैस के मामले में अनुबंध 25 साल तक की अवधि के लिए होता है और कीमत का निर्धारण तय मानकों पर होता है. तेल के लिए भी दीर्घकालीन अनुबंध के साथ कीमत को लेकर मानक होने चाहिए. यह मानक कोयला या फिर गैस जैसे वैकल्पिक ईंधन की कीमतों के आधार पर हो सकता है. उन्‍होंने कहा कि ओपेक और सहयोगी देशों को इस मौके पर आगे आना चाहिए और ग्राहकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाना चाहिए. बता दें कि मई 2021 से कीमतों में वृद्धि के साथ देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं.

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    सभी देशों के हित में है सस्‍ती ऊर्जा
    पुरी ने कहा कि अगर ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो भारत समेत सभी औद्योगिक देश प्रभावित होंगे. यह सबके हित में है कि हम वैश्विक आर्थिक पुनरुद्धार को बनाए रखें. इसीलिए स्थिर और सस्ती ऊर्जा उत्पादक व आयातक देशों दोनों के हित में है. मुझे भरोसा है कि ओपेक और सहयोगी देश उपभोक्ता देशों की भावना का ध्यान रखेंगे. तेल के दाम अप्रैल 2020 के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में घटकर 19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे. अब टीकाकरण के साथ वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होने से मांग बढ़ी. इससे ब्रेंट क्रूड अब 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है.

    Tags: Crude oil, Crude oil prices, Hardeep Singh Puri, Indian economy, Iraq, OPEC, Petrol diesel prices, Saudi arabia

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