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मूनलाइटिंग पर मचे घमासान में शामिल हुए एक और उद्योगपति, कहा- डेटा की सुरक्षा से समझौता करना पाप होगा

इन्फोसिस ने भी मूनलाइटिंग के खिलाफ अपने कर्मचारियों को ई-मेल भेजा है.

इन्फोसिस ने भी मूनलाइटिंग के खिलाफ अपने कर्मचारियों को ई-मेल भेजा है.

उन्होंने कहा कि अगर इन कंपनियों को थोड़ा भी संदेह हुआ कि उनके डेटा की सुरक्षा खतरे में है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाए ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

हर्ष गोयनका ने कहा है कि स्विगी और विप्रो की तुलना नहीं की जा सकती है.
स्विगी ने मूनलाइटिंग की अनुमति दी है जबकि विप्रो 300 लोगों को निकाला है.
केंद्रीय राजीव चंद्रशेखर ने भी मूनलाइटिंग का समर्थन किया है.

नई दिल्ली. मूनलाइटिंग पर छिड़ी कुश्ती के बीच आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने भी अपना पांव आगे बढ़ा दिया है. उन्होंने विप्रो और स्विगी की तुलना करने वाले लोगों को जवाब दिया है. बकौल हर्ष गोयनका, “आप स्विगी और विप्रो की तुलना नहीं कर सकते हैं. विप्रो के क्लाइंट्स फॉर्च्यून 500 कंपनियां हैं जिनके डेटा की सुरक्षा से समझौता पाप होगा.”

उन्होंने कहा कि अगर इन कंपनियों को थोड़ा भी संदेह हुआ कि उनके डेटा की सुरक्षा खतरे में है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यह बात लिखी. गौरतलब है कि हाल में विप्रो ने मूनलाइटिंग के आरोप में 300 कर्मचारियों को कंपनी से निकाल दिया था. इससे पहले विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने मूनलाइटिंग को चीटिंग कहा था.

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कई अन्य टेक कंपनियां हुई खिलाफ
केवल विप्रो ही नहीं इन्फोसिस और टीसीएस ने भी मूनलाइटिंग के खिलाफ अपना मत दिया है. इन्फोसिस ने कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर यहां तक कहा है कि इस पद्धति को बिलकुल स्वीकार नहीं किया जा सकता है और कोई भी कर्मचारी मूनलाइटिंग करता है तो उसे कंपनी से निकाल दिया जाएगा. हालांकि, स्विगी ने अपने कर्मचारियों को मूनलाइटिंग की अनुमति दे दी थी.

केंद्रीय मंत्री समर्थन में आए
आईटी व स्किल डेवलपमेंट मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने मूनलाइटिंग के पक्ष में बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि आज का युवा अपने कौशल को लेकर आत्मविश्वास से भरपूर है, जो इसे अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहता है. उन्होंने कहा कि कंपनियों को इनके सपनों को बांधने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. बकौल केंद्रीय मंत्री, कंपनियों का युवाओं को इस तरह रोकने का प्रयास विफल होगा वह भी तब जब इनमें से अधिकांश खुद के स्टार्टअप के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एक समय ऐसा भी आएगा जब लोग अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के हिसाब से अपने समय का बंटवारा करेंगे जैसे वकील या सलाहकार करते हैं.

क्या है मूनलाइटिंग
जब कोई कर्मचारी अपनी मुख्य जॉब के अलावा किसी और नौकरी को भी अपना समय देता है तो इसे मूनलाइटिंग कहा जाता है. यानी एक नौकरी दिन के उजाले में और दूसरी रात की रोशनी में. यहीं से मूनलाइटिंग शब्द का जन्म हुआ है.

Tags: Business news, Business news in hindi, Information and Technology, Wipro

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