आंदोलन के बीच हरियाणा सरकार ने गन्ने की बढ़ाई कीमत, किसानों को होगा फायदा

गन्ने की दर को 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल की

गन्ने की दर को 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल की

हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को वर्ष 2020-21 के पेराई सत्र के लिए गन्ने की दर 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 4:43 PM IST
  • Share this:
हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को वर्ष 2020-21 के पेराई सत्र के लिए गन्ने की दर 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला किया है. एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई. बयान के अनुसार, यह कीमत देश में सबसे अधिक है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बयान में कहा गया है कि गन्ने की दर में बढ़ोतरी से हरियाणा के किसानों को फायदा होगा. मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 सत्र की तर्ज पर चालू पेराई सत्र 2020-21 के लिए गन्ना किसानों को सब्सिडी (Subsidy) प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 पेराई सत्र के लिए 81.37 करोड़ रुपये और मई 2020 तक 2019-20 के लिए 124.14 करोड़ रुपये से अधिक राशि, राज्य की विभिन्न चीनी मिलों को सब्सिडी के रूप में प्रदान किया गया.

बता दें कि बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया था कि आर्थिक मामलों पर कैबिनेट की कमेटी (CCEA) ने गन्‍ना किसानों के लिए चीनी निर्यात (Sugar Export) पर 3,500 करोड़ रुपये सब्सिडी दिए जाने को मंजूरी दे दी है. इससे देश के 5 करोड़ गन्‍ना किसानों को सीधे फायदा मिलेगा. उन्‍होंने बताया कि इस बार 60 लाख टन चीनी निर्यात की जाएगी.

ये भी पढ़ें : PMKVY का युवाओं को मिलेगा लाभ! अगले महीने से शुरू होगा तीसरा चरण, 1 करोड़ लोगों को है जोड़ने का लक्ष्य
इधर खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी शुक्रवार को कहा कि सरकार गन्ने पर उचित लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को कम नहीं कर सकती है. उन्होंने उद्योग से कुशल और मुनाफेदार बनने तथा केंद्रीय सब्सिडी पर कम से कम निर्भरता रखते हुए उत्पाद पोर्टफोलियो का विविधीकरण करने को कहा. एफआरपी वह न्यूनतम कीमत है, जिसपर चीनी मिलें किसानों से गन्ना खरीदती हैं.

एक हफ्ते में मिलेगी 5000 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार सब्सिडी के तौर पर 3500 करोड़ रुपये देगी. सरकार के इस फैसले से देश के पांच करोड़ गन्‍ना किसानों और पांच लाख मजदूरों (Laborer) को सीधा फायदा होगा. उन्‍होंने बताया कि एक हफ्ते के भीतर 5000 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी किसानों को मिलेगी. साथ ही उन्‍होंने बताया कि 60 लाख टन चीनी को 6 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से निर्यात किया जाएगा. उनके मुताबिक, इस साल चीनी का उत्पादन 310 लाख टन होगा. वहीं, देश की खपत 260 लाख टन है. चीनी का दाम कम होने की वजह से किसान और चीनी मिलें संकट में हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज