आखिर क्यों नोएडा- ग्रेटर नोएडा में जमीन तलाश रही हैं हरियाणा की कंपनियां, जानें वजह

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने पिछले साल से 7% ज्यादा कारोबार किया

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हरियाणा की दर्जनों कंपनियों ने नोएडा (Noida) में जमीन की तलाश शुरु कर दी है. नोएडा अथॉरिटी के अफसर कंपनियों को जमीन दिखा रहे हैं. यूपी सरकार भी इस मौके को भुनाने की कोशिश में है. इसके लिए लेबर लॉ से लेकर जमीन आवंटन तक में तमाम तरह की रियायते दी जा रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 1:10 PM IST
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नई दिल्ली: हरियाणा की दर्जनों कंपनियों ने नोएडा (Noida) में जमीन की तलाश शुरू कर दी है. नोएडा अथॉरिटी के अफसर कंपनियों को जमीन दिखा रहे हैं. यूपी सरकार भी इस मौके को भुनाने की कोशिश में है. इसके लिए लेबर लॉ से लेकर जमीन आवंटन तक में तमाम तरह की रियायतें दी जा रही हैं. हाल ही में हरियाणा सरकार नया इंप्लॉयमेंट बिल (Employment Bill) लेकर आई है. इस बिल के आने से हरियाणा की बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज में खलबली मच गई है. हरियाणा (Haryana) की कंपनियों का यह कदम हरियाणा सरकार और वहां रहने वाले लोगों के लिए घातक हो सकता है.

जानकारों की मानें तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में शुरू होने वाली वो चार परियोजनाएं भी सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही हैं जो किसी भी कंपनी की तरक्की के लिए सबसे अहम होती हैं. हरियाणा सरकार नया इंप्लॉयमेंट बिल लेकर आई है और बिल के तहत छोटी-बड़ी इंडस्ट्री में 50 हज़ार रुपये से कम वेतन वाले स्टाफ की कुल संख्या का 75 फीसद हरियाणा को देने की बात कही है, तभी से कंपनियां सकते में हैं.

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इसी के चलते आए दिन हरियाणा की बड़ी-बड़ी कंपनियों के अधिकारी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के क्षेत्र में आने वाली जमीनों को देख रहे हैं. ऐसी कंपनियों की संख्या दर्जनों के हिसाब से बताई जा रही है. इसमें आईटी, बीपीओ, कंस्ट्रक्शन, गॉरमेंट और ऑटो कंपोनेंट से जुड़ी हुई कंपनियां भी शामिल हैं.
कंपनियों को यह परियोजनाएं नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कर रही हैं आकर्षित

इंडस्ट्रियल एक्सपर्ट केसी जैन बताते हैं कि कारोबार छोटा हो या बड़ा उसके लिए रेल, हवाई और सड़क ट्रांसपोर्ट सबसे अहम होता है. अब अगर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट अथॉरिटी की योजनाओं को देखें तो जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम जोर-शोर से चल रहा है. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने का काम चालू है.

दिल्ली-मुंबई के फासले को चंद घंटों के सफर में बदलने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को भी जेवर एयरपोर्ट से जोड़ा जा रहा है. ग्रेटर नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो लाइन शुरू हो रही है. इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन जेवर एयरपोर्ट के पास भी बनेगा. यह प्लान डीपीआर में शामिल है. आगरा-अलीगढ़ को जोड़ने वाला यमुना एक्सप्रेस-वे पहले से बना हुआ है. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे भी चालू है. नोएडा में इंटरनेशनल लेवल का हैबिटेट सेंटर और हेलीपोर्ट बनाने का काम भी चालू हो चुका है.



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इसलिए हरियाणा छोड़ने को मजबूर होंगी इंडस्ट्री

हरियाणा सरकार जो नया इंप्लॉयमेंट बिल लेकर आई है उसके मुताबिक सभी छोटी-बड़ी इंडस्ट्री में 50 हज़ार रुपये से कम वेतन वाले स्टाफ की कुल संख्या का 75 फीसद हरियाणा को देना होगा. हरियाणा के युवाओं को भर्ती करना होगा. इंडस्ट्रियल एक्सपर्ट केसी जैन का कहना है कि इस तरह का बिल किसी भी राज्य में व्यवाहरिक नहीं है. यह मुमकिन ही नहीं है कि किसी एक ही राज्य में आपको ट्रेंड लेबर या स्टाफ मिल जाए. हरियाणा के मामले में तो पटियाला स्थित पंजाबी यूनिवर्सिटी की 2018 की एक रिपोर्ट बताती है कि हरियाणा की इंडस्ट्री में 59 फीसदी लेबर प्रवासी मजदूर हैं मतलब हरियाणा से बाहर के हैं.
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