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संसद भवन के मेकओवर की तैयारी शुरू! इस कंपनी को मिला डिजाइन का ठेका, आएगा इतने रुपये खर्च

News18Hindi
Updated: October 25, 2019, 2:57 PM IST
संसद भवन के मेकओवर की तैयारी शुरू! इस कंपनी को मिला डिजाइन का ठेका, आएगा इतने रुपये खर्च
नई संसद या सेंट्रल विस्टा को आने वाले 250 साल के लिए तैयार किया जाएगा.

नई संसद और सेंट्रल विस्टा को बनाने के लिए, डिजाइन का कॉन्ट्रैक्ट एचसीपी कॉन्ट्रैक्टर (HCP Design, Planning & Management Pvt. Ltd) दिया है.

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  • Last Updated: October 25, 2019, 2:57 PM IST
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नई दिल्ली. देश के संसद भवन (Parliament House of India) के मेकओवर को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है. केंद्र सरकार ने इसके डिजाइनिंग का ठेका एचसीपी कॉन्ट्रैक्टर (HCP Design, Planning & Management Pvt. Ltd) को दिया है. नई संसद और सेंट्रल विस्टा बनाने के लिए डिजाइन का कॉन्ट्रैक्ट एचसीपी कॉन्ट्रैक्टर (HCP Design, Planning & Management Pvt. Ltd) को दिया गया है. इसे 250 साल के लिए तैयार किया जाएगा. आपको बता दें कि हमारे देश के संसद भवन का उद्घाटन 1927 में हुआ था. संसद भवन का निर्माण तत्कालीन समय को ध्यान में रखकर किया गया था. केंद्रीय सचिवालय सहित राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर के इलाके को नया लुक देने पर काम होगा. मौजूदा संसद भवन पुराने समय की जरूरतों के मुताबिक बना था.

यहां पर मंत्रियों के बैठने के लिए चैंबर तो हैं, मगर सांसदों के बैठने के लिए कक्ष नहीं हैं. सांसदों के साथ चलने वाले निजी स्टाफ के भी बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है.

अब मंत्रियों के साथ सांसदों के लिए भी कक्ष की व्यवस्था होगी. ताकि, वे संसद भवन में बैठकर ही जरूरी सरकारी कार्य कर सकें. नया संसद भवन पूरी तरह भूकंपरोधी होगा.

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अब क्या होगा-सीपीडब्ल्यूडी ने मैसर्स एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को कंसल्टेंसी का ठेका दिया है. संसद भवन, कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेंट्रल विस्टा के विकास/पुनर्विकास को पूरा करने के लिए समय निर्धारित किया गया हैं, जबकि केंद्रीय विस्टा परियोजना को पूरा करने के लिए सीपीडब्ल्यूडी को दी गई समय-सीमा नवंबर, 2021 है. मार्च 2022 तक संसद भवन और मार्च 2024 तक आम केंद्रीय सचिवालय पर काम पूरा होना है.

>> सरकार की पहली प्री बिड बैठक में 24 कंपनियों ने भाग लिया था, इनमें से पहले 6 को फाइनल किया गया. फाइनल बिडर का सिलेक्शन एक प्रख्यात जूरी के जरिए किया गया. पहली प्री बिड मीटिंग में सलेक्ट किए गए 6 सिलेक्टेड बिडर ने एक डिटेल्ड प्रेजेंटेशन जूरी के सामने रखी.


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>> इसके बाद अंतिम चयन किया गया. इस प्रक्रिया से 18 अक्टूबर को फाइनल बिडर का चुनाव किया गया. अगले चरण में चयनित किया गया बिडर और मंत्रालय पब्लिक कंसलटेशन करेंगे. इस कंसलटेशन में सभी स्टेकहोल्डर भी शामिल होंगे.

>> सरकार का लक्ष्य है कि नवंबर 2021 तक सेंट्रल विस्टा का निर्माण पूरा हो जाए और अगस्त 2022 तक नई संसद का निर्माण पूरा हो. संसद भवन और सेंट्रल विस्टा की कुल कंसलटिंग कॉस्ट 229 करोड़ रुपए होगी.

>> केंद्र सरकार सारे मंत्रालय एक जैसी डिजाइन के हो, इसकी व्यवस्था करने को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है.

>> मोदी सरकार मुगलों और अंग्रेजों का बनाया हुआ लुटियंस जोन का कायाकल्प करने जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, पुराने भवन भी मौजूद रहेंगे. लेकिन, उनका उपयोग कैसे हो, इस पर मंथन चल रहा है.

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First published: October 25, 2019, 2:31 PM IST
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