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देश के इस बड़े बैंक ने ग्राहकों को ई-मेल, वॉट्सऐप के जरिए भेजा नोटिस , जानिए क्‍यों

भाषा
Updated: September 15, 2018, 1:15 PM IST
देश के इस बड़े बैंक ने ग्राहकों को ई-मेल, वॉट्सऐप के जरिए भेजा नोटिस , जानिए क्‍यों
पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए एचडीएफसी बैंक ग्राहकों को ई मेल, व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेज रहा है. जिससे ग्राहक नोटिस प्राप्त करने से इंकार न कर सकें.

पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए एचडीएफसी बैंक ग्राहकों को ई मेल, व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेज रहा है. जिससे ग्राहक नोटिस प्राप्त करने से इंकार न कर सकें.

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  • Last Updated: September 15, 2018, 1:15 PM IST
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नियमों का उल्लंघन करने पर एचडीएफसी बैंक ग्राहकों को ई-मेल और वॉट्सऐप के जरिए नोटिस भेज रहा है. बैंक को उम्मीद है कि संचार के नये तरीके अपनाने से मामलों का तेजी से निपटारा हो पाएगा. बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि एचडीएफसी बैंक विभिन्न अदालतों में इस बात पर जोर दे रहा है कि ई-मेल और वॉट्सऐप जैसे संचार के डिजिटल माध्यमों के जरिए नोटिस और समन भेजे जाने चाहिए. इससे मामलों के तत्काल निपटारे में मदद मिलेगी.

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अधिकारी ने कहा कि 60 लाख से अधिक चेक बाउंस के मामले देश में लंबित हैं और एचडीएफसी बैंक समन भेजने को लेकर डिजिटल साधनों के उपयोग के लिए अदालतों से अनुरोध कर रहा है. उसने कहा, 'हम ई-मेल और व्हाट्सएप पर नोटिस भेज रहे हैं. कई मामलों में हमने देखा है कि डाक से भेजे जाने पर ग्राहक नोटिस प्राप्त होने से साफ इनकार कर देते हैं.'



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अधिकारी ने कहा, 'अक्सर देखा गया है कि लोग घर जल्दी जल्दी बदल लेते हैं लेकिन उनका ई-मेल और मोबाइल नंबर सामान्य तौर पर नहीं बदलता है. इसलिए हमारा मानना है कि संचार के ये नये तरीके प्रभावी हैं.' अधिकारी ने कहा कि एचडीएफसी बैंक ने अब तक डिजिटल माध्यमों से करीब 250 समन भेजे हैं और उम्मीद है कि कानून के तहत इन मामलों का निपटारा तेजी से हो पाएगा.

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अब तक डिजिटल तरीके से जो नोटिस भेजे गये हैं, वे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं. कुछ मामले दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और जम्मू कश्मीर से भी संबद्ध हैं. चेक बाउंस के मामले परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत आते हैं जिसमें प्रामिसरी नोट्स, एक्सचेंज बिल और चेकों से संबंधित मामलों को परिभाषित किया गया है और संबंधित कानून में संशोधन किया गया है.

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First published: September 14, 2018, 11:28 PM IST
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