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Health Insurance: रूम रेंट लिमिट को लेकर दूर कर लें ये कंफ्यूजन, वरना क्लेम के समय जेब से देने होंगे पैसे

हेल्थ इंश्योरेंस में रूम रेंट सब लिमिट से जुड़े नियमों को जानना बेहद जरूरी

हेल्थ इंश्योरेंस में रूम रेंट सब लिमिट से जुड़े नियमों को जानना बेहद जरूरी

Room Rent Limit in Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में ज्यादातर ग्राहक रूम रेंट लिमिट को लेकर कंफ्यूज रहते हैं ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में हॉस्पिटल रूम से जुड़े खर्चों की सीमा होती है, जिसे रूम रेंट लिमिट कहते हैं.
रूम रेंट लिमिट सभी हेल्थ पॉलिसी में बीमाधन की 1-2 फीसदी तक होती है.
तय सीमा से ज्यादा का रूम लेने पर क्लेम के समय अनुपातिक रूप से भुगतान के कारण ग्राहकों को नुकसान होता है.

नई दिल्ली. हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़े नियम और शर्तें क्लेम के समय अक्सर ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं. इस वजह से हेल्थ पॉलिसी खरीदना थोड़ा मुश्किल काम लगता है. हालांकि बीमा नियामक IRDA लगातार ग्राहकों की इन समस्याओं पर काम करते हुए हेल्थ इंश्योरेंस के नियम व शर्तों को और आसाना बनाने की कोशिश कर रहा है. हेल्थ इंश्योरेंस में रूम रेंट सब लिमिट के कॉन्सेप्ट के बारे में सब जानते हैं. दरअसल इस सुविधा के तहत अस्पताल में भर्ती के दौरान रूम के खर्च को लेकर एक सीमा निर्धारित की जाती है.

हालांकि ज्यादातर लोग रूम रेंट लिमिट को लेकर कंफ्यूज रहते हैं. ग्राहकों को लगता है कि हमारे पास हेल्थ इंश्योरेंस की सुरक्षा है इसलिए अस्पतालों में होने वाले हर खर्च का भुगतान इंश्योरेंस कंपनी करेगी. चूंकि यह सही है लेकिन इसमें कुछ शर्तें भी निर्धारित रहती है. रूम रेंट सब लिमिट उन्हीं में से एक है.

रूम रेंट सब लिमिट नियम को समझना जरूरी
मान लीजिये कि आपके पास 3 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस प्लान है, जिसमें रूम रेंट सब लिमिट बीमाधन का 1 फीसदी है. यानी आप अस्पताल में 3 हजार रुपये प्रतिदिन का रूम ले सकते हैं. क्योंकि पॉलिसी में रूम रेंट सब लिमिट के लिए यह राशि उपलब्ध है.

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अगर आप पांच दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती रहे चूंकि हॉस्पिटल में सस्ते कमरे उपलब्ध नहीं थे इसलिए आपने एक कमरा चुना जिसकी कीमत 5,000 रुपये प्रति दिन थी. (याद रखें कि आपकी पॉलिसी इसे 3,000 रुपये प्रतिदिन तक सीमित करती है) अब मान लीजिए, आपके पांच दिन के अस्पताल में रहने के लिए कुल बिल 2 लाख रुपये आया है.

पूरे बिल पर होगा रूम रेंट सब लिमिट का असर
आपको लगेगा कि चूंकि आपकी बीमा राशि 3 लाख रुपये है और बिल (2 लाख रुपये) उससे काफी कम है, इसलिए कमरे के अतिरिक्त किराए के कुछ हजार रुपये को छोड़कर आपका क्लेम काफी हद तक सेटल हो जाएगा लेकिन यह सच नहीं है. क्योंकि रूम रेंट सब लिमिट से जुड़ी शर्त आपके इस कैल्कुलेशन को गलत साबित करती है. यह न केवल कमरे के रेंट क्लेम को प्रभावित करता है बल्कि पूरे बिल पर भी इसका असर होता है. जानें कैसे….

मनी कंट्रोल की खबर के अनुसार,  आपका क्लेम सिर्फ कमरे के किराए की सीमा के अनुपात में तय किया जाएगा. 2 लाख रुपये * (3,000/5,000) = इंश्योरेंस कंपनी द्वारा केवल 1.2 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जाएगा और बाकी 80,000 रुपये का खर्च आपको उठाना होगा.

इस असुविधा से बचने के लिए क्या करें?
ऐसा नहीं है कि अगर आपके पास 3 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस है तो सभी बिल उस सीमा के अंदर तय हो जाएंगे. आपके अस्पताल के बिलों के सेटलमेंट में बीमाकर्ता द्वारा भुगतान की जाने वाली वास्तविक राशि तय करने में कमरे के किराए की सीमा सबसे बड़ी भूमिका निभाती है.

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इस हालात से बचने का सबसे सही तरीका है कि आपको ऐसे हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लेने चाहिए, जिनमें हॉस्पिटल रूम रेंट पर कोई लिमिट ना हो. इन दिनों ऐसी कई योजनाएं ये सुविधा दे रही है.

अगर आपके पास पहले से ही हेल्थ इंश्योरेंस प्लान है तो रूम रेंट सब लिमिट की जांच कर लें. अगर आपको लगता है कि यह आपके लिए उपयुक्त नहीं है, तो अपने बीमाकर्ता से अतिरिक्त प्रीमियम (लोडिंग) का भुगतान करके कमरे के किराए की सीमा को हटाने के लिए कहें.

Tags: Health Insurance, Health insurance premium, Insurance

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