vidhan sabha election 2017

स्वास्थ्य सेवाएं हो सकती है सस्ती, GST रेट कम करने की मांग

hindi.moneycontrol.com
Updated: December 8, 2017, 12:27 PM IST
स्वास्थ्य सेवाएं हो सकती है सस्ती, GST रेट कम करने की मांग
स्वास्थ सेवाएं हो सकती है सस्ती, GST रेट कम करने की मांग. (File Photo)
hindi.moneycontrol.com
Updated: December 8, 2017, 12:27 PM IST
मेडिकल टेस्ट और उपकरणों पर जीएसटी घटाने की हेल्थ केयर इंडस्ट्री की मांग को स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक तरह से मान लिया है. इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिट्टी लिखी है. दरअसल हेल्थ केयर इंडस्ट्री ने कहा था कि अगर रेट कम नहीं हुए तो वो इलाज को मंहगा कर देंगे.

अस्पतालों में इलाज और जांचों को जीएसटी की मार से बचाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एक्शन में आ गया है. स्वास्थ्य सचिव ने वित्त मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर स्वास्थ्य सम्बंधी सभी सेवाओं पर जीएसटी शून्य या फिर 5 फीसदी वसूलने की अपील की है. स्वास्थ्य मंत्रालय का ये एक्शन अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स की तरफ से इलाज और जांच की कीमतें बढ़ाने की चेतावनी के बाद देखने को मिला है.

अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स के मुताबिक मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट पर पहले 15 फीसदी टैक्स लगता था लेकिन अब 18 फीसदी जीएसटी वसूला जा रहा है. वहीं हेल्थ इंश्योरेंस पर भी 3 फीसदी टैक्स बढ़ गया है जबकि इंवर्टर पर 3.5 फीसदी टैक्स बढ़ा है. फ्रिज पर पहले 23-28 फीसदी टैक्स था लेकिन अब फ्लैट 28 फीसदी जीएसटी है.

इसी तरह हॉस्पिटल बेड पर पहले 11-16.5 फीसदी टैक्स लगता था जो अब बढ़कर 18 फीसदी हो गया है. ऑक्सिजन सिलेंडर पर भी अब 18 फीसदी जीएसटी लगता है. कंज्यूमेबल्स पर 18 फीसदी, पेसमेकर पर 12 फीसदी और हार्ट वॉल्व पर 12 फीसदी जीएसटी लग रहा है.

हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स की यह भी मांग है कि हेल्थ सर्विसेज को एक्ज्मशन की श्रेणी से हटाकर 0 फीसदी जीएसटी के दायरे में लाया जाए जिससे उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा मिल सके. हालांकि सरकारी अधिकरियों की मानें तो उन्हें वैट रिजीम में भी यह छूट नहीं मिलती थी.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर