PPF अकाउंट की मैच्योरिटी पर क्या करें, जानिए ऑप्शन

अप्रैल-जून 2020 तिमाही में सरकार ने पीपीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज की दर 0.8 फीसदी घटाकर 7.1 फीसदी कर दी थी
अप्रैल-जून 2020 तिमाही में सरकार ने पीपीएफ पर मिलने वाले ब्‍याज की दर 0.8 फीसदी घटाकर 7.1 फीसदी कर दी थी

पीपीएफ (PPF) खाते का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है. साल भर में इसमें अधिकतम 1.50 लाख रुपए का निवेश किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 5:53 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. पब्लिक प्रोविडेंट फंड या पीपीएफ (Public Provident Fund) एक लोकप्रिय लॉन्ग टर्म निवेश विकल्प है. पीपीएफ खाते का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है. साल भर में इसमें अधिकतम 1.50 लाख रुपए का निवेश किया जा सकता है. इस अकाउंट में ब्‍याज दरें सरकार समय समय पर तय करती है. खास बात है कि इसमें हर लाल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्‍स से छूट मिलती है. इतना ही नहीं पीपीएफ EEE (exempt- exempt- exempt) कैटिगरी के तहत आता है यानी मैच्योरिटी पर जो पैसा मिलता है वह भी टैक्स फ्री होता है.

पीपीएफ अकाउंट के मैच्‍योर होने पर आपके पास ये विकल्‍प होते हैं
1. अकाउंट बंद कर दें और पैसे विद्ड्रॉ कर लें
2. फ्रेश डिपोजिट से अकाउंट को बढ़ा सकते हैं
3. बिना फ्रेश डिपोजिट के अकाउंट को जारी रखने का



अकाउंट बंद कर दें और पैसे विद्ड्रॉ कर लें
पीपीएफ अकाउंट के मैच्‍योर होने पर में अकाउंट बंद कर पैसा निकाल सकते हैं. आपको मूलधन और ब्याज मिलता है. पूरी राशि को अपने बचत खाते में ट्रांसफर करने के लिए आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म जमा करना होगा.

फ्रेश डिपोजिट से अकाउंट को बढ़ा सकते हैं
अगर पैसे की जरूरत तुरंत नहीं है तो अकाउंट होल्‍डर मैच्योरिटी होने के बाद आप अपना अकाउंट बढ़ा सकते है. पीपीएफ अकाउंट बढ़ाने के लिए आपको साल भर के भीतर फॉर्म जमा करना होगा. यह 5 साल की अवधि के लिए होता है. बता दें कि 5 साल के ब्‍लॉक में आप जब तब चाहें तब तक अकाउंट बढ़ा  सकते हैं.

बिना फ्रेश डिपोजिट के अकाउंट को जारी रखने का
पीपीएफ में यह डिफॉल्‍ट ऑप्‍शन होता है. पीपीएफ अकाउंट मैच्योर होने के बाद भी एक्टिव रहता है. आप कोई अन्य ऑप्‍शन नहीं सेलेक्ट करते हैं तो खुद ब खुद आपका आपकी पीपीएफ मैच्योरिटी तारीख पांच सालों के लिए बढ़ जाती है. इसमें किसी पेपरवर्क की आवश्यकता नहीं होती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज