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Real Estate Trends: मुंबई में हाई फ्लोर वाले फ्लैट्स महंगे लेकिन दिल्ली में सस्ते, जानिए चौंकाने वाली वजह

Real Estate Trends: मुंबई में हाई फ्लोर वाले फ्लैट्स महंगे लेकिन दिल्ली में सस्ते, जानिए चौंकाने वाली वजह

मुंबई में सी फेसिंग की वजह ऊपरी मालों के फ्लैट्स पर प्रीमियम वसूलते हैं बिल्डर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मुंबई में सी फेसिंग की वजह ऊपरी मालों के फ्लैट्स पर प्रीमियम वसूलते हैं बिल्डर (प्रतीकात्मक तस्वीर)

न्यूज18 ने रियल एस्टेट (Real Estate) के जानकारों से दिल्ली (Delhi) और मुंबई (Mumbai) में हाई फ्लोर (High Floors) की कीमतों में अंतर की वजह जानी. उनके मुताबिक दिल्ली में लोग गर्मी, बिजली कटौती और जमीन की ज्यादा उपलब्धता की वजह से टॉप फ्लोर (Top Floor) पर घर लेना पसंद नहीं करते हैं

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    नई दिल्ली. मुंबई (Mumbai) देश की आर्थिक राजधानी है तो दिल्ली (Delhi) राजनीतिक राजधानी. दोनों की आबादी दो करोड़ से ज्यादा. यानी दोनों ही शहरों का आबादी का घनत्व बहुत ज्यादा और इसी वजह से प्रॉपर्टी की कीमतें भी ज्यादा हैं. फिर भी, दोनों शहरों के लोगों का घर पसंद करने का तरीका अलग-अलग है.

    मुंबई में जहां लोग टॉप या हाई फ्लोर (High Floors) पर घर लेना पसंद करते हैं तो दिल्ली में इसके उलट ट्रेंड हैं. यही वजह है कि मुंबई में हाई फ्लोर के रेट दिल्ली के मुकाबले महंगे हैं. इस मुद्दे पर न्यूज18 ने देश के रियल एस्टेट सेक्टर के एक्सपर्ट और डेवलपर्स से बातचीत की तो इसकी रोचक वजह सामने आई. जलवायु, जमीन की कमी, समुद्र और झुग्गी-झोपड़ी की वजह से मुंबई के लोग हाई फ्लोर पर रहना पसंद करते हैं.

    बिजली कटौती और गर्मी की वजह से दिल्ली में ऊंची इमारतें कम
    रियल एस्टेट (Real Estate) पर रिसर्च करने वाली फर्म एनारॉक के सीईओ अनुज पुरी बताते हैं कि दिल्ली एक गर्म शहर है. ऊपर से यहां बिजली कटौती भी रहती है. लिहाजा, गर्मी के दिनों में यदि बिजली चली जाए तो ऊपरी फ्लोर पर लू की वजह से बहुत ज्यादा परेशानी होती है. इसके उलट मुंबई में समुद्र की वजह से गर्मी कम रहती है. यहां ऊंचाई पर मौसम अच्छा होता है और बिजली की उपलब्धता भी अच्छी रहती है.

    जितना हाई फ्लोर पर फ्लैट खरीदेंगे, लागत उतनी बढ़ेगी
    हीरानंदानी ग्रुप के एमडी निरंजन हीरानंदानी बताते हैं कि प्रॉपर्टी बाजार लोकेशन बेस्ड होता है. मुंबई में हाई फ्लोर की लोकेशन जलवायु और बिजली आपूर्ति की वजह से मुफीद है. इसी वजह से यहां डिमांड है. लेकिन जितनी ऊंची बिल्डिंग बनाई जाती है, उतनी ही लागत बढ़ जाती है. इसलिए यहां दिल्ली की तुलना में प्रॉपर्टी महंगी हो जाती है.

    मुंबई में झुग्गी-बस्ती की वजह से हाई फ्लोर पसंद
    रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म नाइट फ्रैंक भारत के कार्यकारी निदेशक गुलाम जिया का कहना है कि मुंबई में झुग्गी-बस्ती की वजह से लोग हाई फ्लोर लेना चाहते हैं ताकि व्यु अच्छा दिखे. साथ ही प्रदूषण की वजह से भी लोग हाईफ्लोर पर रहना पसंद करते हैं. सी साइट व्यू भी एक कारण है. मुंबई में हाईराइज की चाहत के चलते ही यहां देश की टॉप दस में 9 सबसे ऊंची बिल्डिंग्स है.

    दिल्ली और मुंबई में विकास का सांस्कृतिक अंतर
    अर्बन प्लानिंग के जानकार मनोज सिंह मीक बताते हैं कि दिल्ली के चारों तरफ जमीन है. इसलिए यहां गुड़गांव, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद जैसे इलाके विकसित हुए हैं. जबकि मुंबई का ज्यादातर हिस्सा समुद्र से घिरा हुआ है. इसी वजह से यहां फैलाव की गुंजाइश कम है. लोग समुद्र तट के पास रहना चाहते हैं. इसलिए यहां बहुत पहले से लोग फ्लैट्स में रहने के आदी हो गए हैं. जबकि दिल्ली में सरकारी बंगलों की वजह से फ्लैट्स में रहने का कल्चर विकसित नहीं हो पाया.

    Tags: Delhi, Indian real estate sector, Mumbai, Property market, Real estate

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