घर खरीदारों के लिए बड़ी खबर! GST को लेकर बदला ये नियम

अगर बिल्डर को हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट 31 मार्च 2019 मिला है तो उस प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों को बकाया राशि पर 12% GST देना होगा.

पीटीआई
Updated: May 16, 2019, 4:57 PM IST
घर खरीदारों के लिए बड़ी खबर! GST को लेकर बदला ये नियम
अगर बिल्डर को हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट 31 मार्च 2019 मिला है तो उस प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों को बकाया राशि पर 12% GST देना होगा.
पीटीआई
Updated: May 16, 2019, 4:57 PM IST
अगर बिल्डर को हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट 31 मार्च 2019 मिला है तो उस प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों को बकाया राशि पर 12% GST देना होगा. सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ने यह स्पष्ट किया है. सीबीआईसी ने कहा कि यदि किसी परियोजना को एक अप्रैल 2019 से पहले पूरा होने का प्रमाणपत्र मिल गया है तो परियोजना के बिल्डर को बकाया राशि पर घर खरीदारों से 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलना होगा. CBIC के मुताबिक बिल्डर्स चल रहे प्रोजेक्टस के लिए अगर सामान्य घरों के लिए 5 फीसदी और सस्ते घरों के लिए 1 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलते हैं तो वे क्रेडिट एडजस्टमेंट का फायदा नहीं ले पाएंगे. (ये भी पढ़ें: पाकिस्तान का रुपया हुआ 'तबाह', महंगाई बढ़ने से टूटेगी कमर)

इससे पहले, CBIC ने FAQ के पहले सेट को पिछले हफ्ते जारी किया था. इसमें 1 अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए जीएसटी रेट को लेकर कंफ्यूजन को दूर करने की कोशिश की गई थी. इसमें सीबीआईसी ने कहा था कि माइग्रेशन प्रावधान के तहत 1 अप्रैल 2019 से बिल्डरों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) सुविधा का लाभ उठाए बिना सस्ती आवासीय परिजनाओं पर 1 फीसदी और अन्य श्रेणी की आवासीय परियोजनाओं पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलने की मंजूरी दी गई है.





मार्च में घटी थी GST दरें

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में जीएसटी परिषद ने मार्च में 1 अप्रैल 2019 से आवासीय घरों पर 5 फीसदी और सस्ते घरों पर 1 फीसदी की दर से जीएसटी निर्धारित किया था. इसके अलावा यह भी तय किया गया कि इस पर बिल्डर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फायदा नहीं मिलेगा.

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बिल्डर्स के पास GST विकल्प चुनने का अधिकारचालू हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए बिल्डर्स को पुरानी और नई जीएसटी व्यवस्था में अपने हिसाब से चुनने का विकल्प दिया गया है लेकिन नए प्रोजेक्ट्स के लिए उन्हें नई व्यवस्था के मुताबिक ही जीएसटी वसूलना होगा. सीबीआईसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2019 से पहले के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए पुरानी व नई जीएसटी व्यवस्था में विकल्प चुनने का अधिकार डेवलपर्स का है, लैंड ओनर का नहीं.

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