होम लोन: जानिए कंस्ट्रक्शन पूरा नहीं होने पर क्या बैंक आपसे अधिक ब्याज लेंगे

होम लोन: जानिए कंस्ट्रक्शन पूरा नहीं होने पर क्या बैंक आपसे अधिक ब्याज लेंगे
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NCDRC ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि लोन अग्रीमेंट तय किए गए चार्ज से अधिक कोई भी ब्याज उधारकर्ता को नहीं देना होता है. लेकिन, इसके लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2019, 7:19 AM IST
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नई दिल्ली. कोई भी कॉमर्शियल बैंक (Commercial Bank) आपके लोन अग्रीमेंट (Loan Agreement) में दिए गए चार्ज से अधिक आपसे कोई अन्य चार्ज नहीं वसूल सकता है. नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) ने अपने एक हालिया रिपोर्ट में जानकारी दी है. हालांकि, इस रिपोर्ट में कंस्ट्रक्शन नहीं पूरा होने के ​तीन साल के अंदर कॉमर्शियल ब्याज दर वसूलने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

क्या है मामला
ऐसे ही एक मामले में एक व्यक्ति ने कॉमर्शियल बैंक से लोन लिया, ​लेकिन समय पर कंस्ट्रक्शन पूरा नहीं होने की वजह से 1.5 फीसदी की दर से अतिरिक्त ब्याज देना पड़ा. इस व्यक्ति ने लोन की अवधि पूरा होने से पहले ही पूरी रकम रिपेमेंट कर दिया था. बैंक ने अवधि से पहले ही इस लोन के प्रीपेमेंट को बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के ही ले लिया.

उपभोक्ता आयोग ने क्या सुनाया फैसला?
बाद में इस व्यक्ति ने जिला उपभोक्ता आयोग में एक शिकायत दर्ज की है, जिसमें उसने कहा कि होम लोन लेते वक्त उसे कोई अतिरिक्त कॉमर्शियल दर पर ब्याज देने की बात नहीं की गई थी. उपभोक्ता आयोग ने इस मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला इस व्यक्ति के पक्ष में सुनाया और बैंक को निर्देश दिया कि वो अतिरिक्त रकम इस व्यक्ति को वापस कर दे. इस मामले की चुनौती देते हुए बैंक ने राज्य आयोगा का दरवाजा खटखटाया, जहां इस अपील को खारिज कर दिया. इसके बाद बैंक एनसीडीआरसी के पास पहुंचा.





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NCDRC ने क्या कहा?
NCDRC में बैंक ने अपनी दलील में कहा कि 1 अप्रैल 2016 को जारी किए गए मास्टर सर्कुलर के आधार पर कॉमर्शियल दर पर ब्याज चार्ज किया गया था. इस सर्कुलर को बैंक के हेड ऑफिस ने जारी किया था. बैंक के इस सर्कुलर में कहा गया है कि अगर कंस्ट्रक्शन तय अवधि में पूरी नहीं हो पाती है तो इसकी वजह से ब्रांच कॉमर्शियल रेट ऑफ इंटरेस्ट वसूल सकता है. इसमें एक साल का एमसीएलआर और स्ट्रै​टेजिक प्रीमियम और अधिकतम बैंड शामिल होगा. अधिकतम बैंक तभी वसूला जाएगा, जब लोन बेस रेट सिस्टम के तहत लिया गया हो. बैंक के इस दलील को सुनने के बाद एनसीडीआरसी ने याचिका को खारिज कर दिया. NCDRC ने अपने फैसले में कहा कि इससे साफ नहीं होता कि ऐसी स्थिति में कॉ​मर्शियल रेट ऑफ इंटरेस्ट वसूला जाएगा. लोन अग्रीमेंट के मुताबिक, तय ब्याज दर 12.25 फीसदी ही रहेगा. NCDRC  ने यह भी कहा कि यह लोन साल 2012 में सैंक्शन किया गया है.

कॉमर्शियल उद्देश्य कब माना जाएगा?
नेशनल कमीशन के मुताबिक, एक प्लॉट से अधिक की बुकिंग के मामले को कॉमर्शियल उद्देश्य माना जाता है. आमतौर पर यह उन लोगों के लिए होता है जो प्लॉट्स या फ्लैट के ट्रेडर्स होते हैं और इससे उनकी कमाई होती है.

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