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Home Loan : बढ़ रही हैं होम लोन की दरें, कम ब्याज वाले बैंक में स्विच करने का सही समय, कैसे उठाएं इसका लाभ?

Home Loan : बढ़ रही हैं होम लोन की दरें, कम ब्याज वाले बैंक में स्विच करने का सही समय, कैसे उठाएं इसका लाभ?

आरबीआई मई से अब तक 1.40 फीसदी रेपो रेट बढ़ा चुका है.

आरबीआई मई से अब तक 1.40 फीसदी रेपो रेट बढ़ा चुका है.

आरबीआई ने मई से अब रेपो रेट में 1.40 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है और अब तमाम बैंक भी अपने कर्ज की ब्‍याज दरें बढ़ाने लगे हैं. अगर आपका लोन ऐसे बैंक में है जो पहले से ही ज्‍यादा ब्‍याज वसूल रहा तो अपने होम लोन को कम ब्‍याज वाले बैंक में ट्रांसफर करने का यही सही समय है.

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हाइलाइट्स

12 महीने तक न्यूनतम ईएमआई देने वाले कोई भी ग्राहक लोन स्विच कर सकते हैं.
साल 2018 के बाद से लोन स्विच कराने की दर 20 फीसदी से ज्‍यादा पहुंच गई है.
कर्ज की अवधि 10 साल से ज्यादा है तो 0.50% ब्याज का अंतर भी लाभ दिला सकता है.

नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक के रेपो रेट में लगातार बढ़ोतरी करने के बाद एसबीआई सहित कई सरकारी बैंकों में होम लोन की ब्याज दरें बढ़ने लगी हैं. अगर आपका होम लोन ऐसे बैंक में चल रहा है जो पहले से ही ज्यादा ब्याज दर वसूल रहा तो लोन स्विच कराने यह सबसे सही समय है.

दरअसल, निजी क्षेत्र के कई बैंक व एनबीएफसी आपसे भारी-भरकम ब्‍याज दर वसूल रहे होंगे और लोन को कम ब्‍याज वाले बैंक में स्विच करके आप बड़ी बचत कर सकते हैं. ब्याज दर में आने वाला मामूली अंतर भी लाखों की बचत करा सकता है. 12 महीने तक न्यूनतम ईएमआई देने वाले कोई भी ग्राहक लोन स्विच कर सकते हैं. साल 2018 के बाद से लोन स्विच कराने की दर 20 फीसदी से ज्‍यादा पहुंच गई है.

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निजी बैंक में ज्यादा ब्याज तो सरकारी में आइए
बैंकिंग मामलों के जानकार और वॉइस ऑफ बैंकिंग के सचिव अश्विनी राणा का कहना है कि होम लोन की बची हुई किस्तों को निजी बैंक से सरकारी बैंक में ट्रांसफर करा सकते हैं. बशर्ते कि सरकारी बैंक आपके लोन के लिए राजी हो जाएं. इसके लिए वह कुछ दस्‍तावेज और लोन चुकाने की हिस्‍ट्री देखते हैं. आरबीआई ने कर्ज के अग्रिम भुगतान पर जुर्माना खत्म कर दिया हैं, जिसके बाद लोन स्विच कराने वालों की संख्या 20% से ज्यादा हो गई है.

ज्यादा अवधि और ब्याज में अंतर का फॉर्मूला
होम लोन स्विच कराने का सबसे बेहतर फॉर्मूला है कि उसकी शेष अवधि ज्यादा हो और जिस बैंक में ट्रांसफर कराना है, उसकी ब्याज दर कम. चूंकि, बैंक ईएमआई के साथ पहले ब्याज की रकम वसूलते हैं और समय के साथ ब्याज का हिस्सा घटता और मूलधन का बढ़ता जाता है तो कोशिश करें कि ब्याज की हिस्सेदारी जब ज्यादा रहे तभी लोन स्विच कराएं. अगर आपके कर्ज की अवधि 10 साल या उससे कम बची है तो दोनों बैंकों के ब्याज का अंतर 0.75% होना चाहिए, तभी फायदा है. लेकिन कर्ज की अवधि 10 साल से ज्यादा है तो 0.50% ब्याज का अंतर भी लाभ दिला सकता है.

न भूलें ये शुल्क
लोन स्विच करने के लिए बैंक आपसे कई तरह के शुल्क भी वसूलते हैं. इसमें नए बैंक की प्रोसेसिंग फीस (1-2%), प्रॉपर्टी को जांचने का खर्च, कागजी खर्च, स्टैंप ड्यूटी, लीगल सलाह पर खर्च और इंश्योरेंस जैसे खर्चे शामिल होते हैं. होम लोन ट्रांसफर के लिए आवेदक की फोटो, बैंक खाते की डिटेल, पहचान पत्र व पते की कॉपी, आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं.

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कैसे करें आवेदन
जिस बैंक में स्विच कराना है वहां ईएमआई की पूरी डिटेल और दस्‍तावेजों के साथ आवेदन करें. पड़ताल के बाद 1-2 हफ्ते में बैंक आपको सैंक्शन लेटर जारी करेगा. जिस बैंक में अभी लोन है वहां भी एक फोरक्लोजर लेटर डाल दें, ताकि लोन का खाता बंद करने के लिए फाइनल चेक दिया जा सके. नया बैंक ईएमआई स्टेटमेंट के साथ रजिस्टर्ड एग्रीमेंट सहित नए दस्तावेजों की पड़ताल और कानूनी सलाह के बाद पुराने बैंक को फाइनल चेक जारी कर देगा. इसके साथ ही आपका पुराना खाता बंद हो जाएगा और मूल दस्तावेज नए बैंक को मिल जाएंगे.

ये सावधानी बरतना जरूरी
लोन स्विच कराते समय नया बैंक आपको ईएमआई की अवधि घटने या बढ़ाने का भी विकल्प देता है. वेतनभोगी को लोन स्विच कराने के लिए अपने नियोक्ता से स्वीकृति पत्र नए बैंक में देना पड़ता है. इसके अलावा होम लोन स्विच करना मूल रूप से नए होम लोन लेने जैसा ही है. इस पर क्रेडिट स्कोर, आय, लोन पात्रता का असर पड़ता है. बैंकों का शुल्क भी कुल कर्ज का 0.25-2% तक हो सकता है. लिहाजा फायदे का आकलन इस खर्च और कम ब्याज से बचत की गणना के बाद ही करें.

Tags: Business news in hindi, Home loan EMI, Interest rate of banks, RBI

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