अमित शाह ने BPCL की मोजाम्बिक की निवेश योजना की समीक्षा की

दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेश मंत्री, रेल मंत्री, वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री के साथ बैठक की.

भाषा
Updated: June 4, 2019, 8:35 PM IST
भाषा
Updated: June 4, 2019, 8:35 PM IST
गृह मंत्रालय में कार्यभार संभालने के बाद से ही गृह मंत्री अमित शाह लगातर केंद्रीय मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को केंद्र के कई बड़े नेताओं के साथ बैठक की. गृह मंत्रालय में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर, रेल मंत्री पीयूष गोयल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मौजूद रहे.

गृह मंत्रालय में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में पेट्रोलियम सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में तेल और गैस क्षेत्र में निवेश की मौजूदा हालात पर बातचीत की गई.

गृह मंत्री अमित शाह और अन्य मंत्रियों के एक अनौपचारिक समूह ने मंगलवार को भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) की मोजाम्बिक के विशाल गैस क्षेत्र में 2.2 से 2.4 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव की समीक्षा की. पूर्व में हुई दिक्कतों के मद्देनजर सरकार विदेशों में निवेश के प्रस्तावों की अधिक गहराई से समीक्षा करना चाहती है.

सूत्रों ने बताया कि इस अनौपचारिक समूह में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कान्त भी शामिल थे. इस निवेश प्रस्ताव की समीक्षा इस मामले को औपचारिक मंजूरी के लिए कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) को भेजे जाने से पहले की गई.

प्रधान पब्लिक सेक्टर की कंपनियों द्वारा पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में मोजाम्बिक में रोवूमा आफशोर क्षेत्र-एक में किए गए छह अरब डॉलर के निवेश की आलोचना करते रहे हैं. तेल एवं गैस कीमतों में गिरावट की वजह से इतना भारी निवेश फायदेमंद नहीं रहा.

इसके अलावा उन्होंने ओएनजीसी विदेश द्वारा रूप की इम्पीरियल एनर्जी की खरीद की भी आलोचना करते रहे हैं. इस क्षेत्र में भी कच्चे तेल का उत्पादन 2008 में 2.58 अरब डॉलर में किए गए अधिग्रहण के समय लगाए गए अनुमान से कम रहा है.

सूत्रों ने कहा कि सरकार इस तरह की गलतियों को दोहराना नहीं चाहती और वह किसी निवेश को मंजूरी से पहले गहन छानबीन करना चाहती है.
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पूर्व में इस तरह के फैसले की समीक्षा तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाला मंत्री समूह करता रहा है. खराब स्वास्थ्य की वजह से जेटली इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हैं. अब यह काम शाह ने अपने हाथ में लिया है. बहुत से लोगों का मानना है कि शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सरकार में नंबर दो पर हैं.

इस क्षेत्र में करीब 75,000 अरब घन मीटर गैस खोजी गई है. इसे चरणों में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) में बदला जाएगा और जहाजों के जरिये विदेशी उपभोक्ताओं को भेजा जाएगा. पहले चरण में मोजाम्बिक परियोजना के भागीदार 22 से 24 अरब डॉलर का निवेश करेंगे. बीपीसीएल के पास इस परियोजना में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है और उसका निवेश करीब 2.4 अरब डॉलर बैठता है.

सूत्रों ने बताया कि इस निवेश के लिए सीसीईए की मंजूरी की जरूरत होगी. उससे पहले अनौपचारिक समूह ने इसकी समीक्षा की है.

बीपीसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डी राजकुमार भी बैठक में शामिल हुए.

कंपनी के निदेशक मंडल की सोमवार को आपात बैठक हुई थी जिसमें संभवत: इस निवेश योजना को मंजूरी पर चर्चा हुई थी. राजकुमार को किए गए कई फोन कॉल्स का जवाब नहीं मिला. वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने बैठक में हुई चर्चा पर चुप्पी साधी हुई है.

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First published: June 4, 2019, 4:13 PM IST
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